नंदलाल तिवारी, गोंडा: कोरोनारोधी वैक्सीन के टीकाकरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 27 सितंबर को मेगा दिवस पर गूगल शीट में 55 हजार 380 को टीका लगाने

का दावा किया गया, जबकि पोर्टल पर मात्र 48 हजार 933 का ही विवरण दर्ज है। ऐसे में शेष बची 6387 वैक्सीन कहां है, इसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि अब कार्रवाई शुरू हो गई है।

जिले में मई से 28 सितंबर तक कोविड पोर्टल पर बनाए गए सत्रों में से 283 ऐसे मिले हैं, जिसका विवरण अपडेट नहीं किया गया है। ऐसे में वैक्सीन की उपयोगिता से संबंधित रिपोर्ट अधूरी है। मेगा दिवस 27 सितंबर को टीकाकरण के लिए बनाए गए बूथों में से 27 सत्र ऐसे मिले, जहां पर किसी को भी कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं लगाई गई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यहां पर सत्र आयोजित करने का उद्देश्य क्या है। 45 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोग, जिन्हें अभी तक कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं लगी है। इसके लिए विशेष प्रयास के निर्देश का अनुपालन नहीं हो रहा है। एसीएमओ डा. जय गोविद का कहना है कि अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है। सीएमओ डा. आरएस केसरी ने बताया कि फीडिग न होने के कारण समस्या आई है। संबंधित अधीक्षकों से जवाब मांगा गया है। कार्रवाई की जाएगी। इनसेट

तीन दिन बाद भी नहीं मिली रिपोर्ट

- सीएचसी बेलसर के परसदा के क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार दुबे ने बताया कि 30 सितंबर को सीएचसी पर कोविड जांच के लिए सैंपल दिया गया था। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।

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ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

- इटियाथोक के बरईपारा में कुछ माह पहले शिविर लगाकर ग्रामीणों को कोरोना की वैक्सीन लगवाई गई थी। इसे आनलाइन नहीं दर्ज किया गया। सेकंड डोज के लिए जब शिविर लगाया गया तो इसका राजफाश हुआ। इस पर नानबाबू ,धनीराम, जगदंबा, मुरलीधर ने नाराजगी जताई। अधीक्षक डा. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि नेटवर्क की समस्या के कारण यह शिकायत है। दिखवाया जा रहा है।

Edited By: Jagran