गोंडा में BSNL दे रहा 36 साल पुराना 2G नेटवर्क, 51 हजार उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा तेज इंटरनेट
गोंडा और बलरामपुर में बीएसएनएल अभी भी 99 स्थानों पर 36 साल पुराने 2जी नेटवर्क पर निर्भर है, जिससे 51 ...और पढ़ें
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निजी कंपनियां 5जी/6जी की ओर बढ़ रही हैं, वहीं बीएसएनएल 4जी विस्तार में पिछड़ रहा है।
HighLights
गोंडा में 99 स्थानों पर बीएसएनएल का 2जी नेटवर्क।
51 हजार उपभोक्ता खराब संचार सेवाओं से प्रभावित।
निजी कंपनियों से पिछड़ रहा बीएसएनएल का 4जी विस्तार।
संवाद सूत्र, गोंडा। निजी संचार कंपनियां 5-जी का नेटवर्क देने के बाद अब 6-जी का नेटवर्क लाने में जुटी हैं, लेकिन सरकारी संचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड में सुविधाओं का बेड़ा गर्क है। यह सरकारी कंपनी अब भी आधे जगहों पर ही 4 जी नेटवर्क पहुंचा पाई है। बाकी जगह 36 साल पुराना 1990 के जमाने का टू जी नेटवर्क चल रहा है। इसमें न तो इंटरनेट चलता है और न ही ठीक से बात ही हो पा रही है।
जियो, एअरटेल जैसी निजी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा कर रही भारत संचार निगम लिमिटेड ने गोंडा व बलरामपुर के बीच 183 बीटीएस लगाए हैं, जहां से 51 हजार बीएसएनएल उपभोक्ताओं की मोबाइल को नेटवर्क मिलता है। इनमें 84 स्थानों पर तो हाल ही में 4 जी का बीटीएस लग गया है लेकिन 99 जगहों पर अब भी टू जी का नेटवर्क है। इन्हें बदलने के लिए बीएसएनएल ने बीटीएस मांगा था,लेकिन अब तक नही मिला।
इस कारण, इन क्षेत्रों में नेटवर्क हमेशा ध्वस्त रहता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। बात-बात करते उनका फोन कट जाता है। साथ ही इंटरनेट सेवाएं भी नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में डिजिटल युग में भी लोग संचार सेवाओं से वंचित हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन उपभोक्ताओं की संख्या घटती जा रही है।
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पहले डेढ़ लाख उपभोक्ता थे लेकिन अब इनकी संख्या 51 हजार ही बची है। भारत संचार निगम लिमिटेड के दूरसंचार जिला प्रबंधक एके गुप्ता ने बताया कि इसी माह कुछ नए 4जी बीटीएस मिलने थे, लेकिन अब तक नहीं मिला है। इसलिए अब भी 99 जगहों पर 2 जी के बीटीएस लगे हैं,जहां इंटरनेट की सेवाएं ठप रहती हैं। जल्द ही इसके मिलने की उम्मीद है।
