गोंडा : जंगल में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले वन टांगिया परिवारों के अच्छे दिन आने वाले है। जिले के चार वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने के साथ ही 134 परिवारों के मुखिया को 723 बीघा जमीन आवंटित की जाएगी। वन टांगिया से किसान बनने के बाद इन परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजनाओं का पिटारा खुलेगा। फिलहाल, डीएम ने प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए राजस्व परिषद को भेजने का आदेश दिया है।

जिले के मनकापुर व तरबगंज तहसील क्षेत्र में वनग्राम हैं। यहां कई दशक से काफी लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं। वनटांगिया परिवार के नाम से पहचान बनाने वाले इन परिवारों को न तो नागरिकता का कोई अधिकार है और न ही इन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। ये परिवार वन विभाग की जमीन पर अपना डेरा जमाए हुए हैं। वनग्राम होने से यहां कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रहा है। सूबे में नई सरकार बनने के बाद वनग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग उठी थी। जिसपर शासन ने संबंधित जिले के डीएम से प्रस्ताव मांगा था। जिला प्रशासन ने चार वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें मनकापुर तहसील के वनग्राम मनिपुर, अशरफाबाद व बुटहनी तथा तरबगंज तहसील क्षेत्र का वनग्राम रामगढ़ शामिल है। जिले में 134 वनटांगिया परिवार के मुखिया को 723 बीघा (58.592 हेक्टेयर) जमीन का पट्टा दिया जाएगा। इसमें महेशपुर गांव के छूटे हुए 12 परिवार भी शामिल हैं। इसके अलावा 28 बीघा जमीन सामुदायिक उपयोग के लिए सुरक्षित की जाएगी। डीएम जेबी ¨सह ने चार वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने के साथ ही 60.906 हेक्टेयर भूमि वन विभाग के खाते से खारिज करके आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। राजस्व परिषद को प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए गए हैं।

कहां कितने परिवारों को मिलेगी कितनी भूमि

तहसील गांव व्यक्ति जमीन

तरबगंज रामगढ़ 33 10.420

तरबगंज महेशपुर 12 5.518

मनकापुर मनिपुर 13 4.550

मनकापुर अशरफाबाद 09 5.679

मनकापुर बुटहनी 57 32.425

नोट : जमीन हेक्टेयर में है।

सामुदायिक उपयोग के लिए भी जमीन होगी आरक्षित

-वनटांगिया परिवारों के सामुदायिक उपयोग को लेकर भी जमीन आरक्षित की जाएगी। इसके लिए 2.314 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है। तरबगंज तहसील के रामगढ़ गांव में 0.465 हेक्टेयर व मनकापुर तहसील के बुटहनी में 1.849 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी। यहां स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी भवन, खेल मैदान आदि बनाए जाएंगे।

इनसेट

सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

-वनग्राम को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के बाद यहां रहने वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं को लाभ मिल सकेगा। नागरिक होने के साथ ही चुनाव में भी भागीदारी होगी। अन्य गांवों के लोगों की तरह राशनकार्ड, आवास, पेंशन, शादी अनुदान, रोजगार आदि मिलेगा।

जिले के चार वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने के लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है। 134 व्यक्तियों को 58.592 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। इसके अलावा 2.314 हेक्टेयर सामुदायिक उपयोग के लिए सुरक्षित की गई है। राजस्व परिषद लखनऊ को प्रस्ताव सोमवार को भेज दिया जाएगा।

-विनय प्रकाश श्रीवास्तव, सीआरओ गोंडा।

Posted By: Jagran

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