गोंडा: दीपावली में महज कुछ दिन बचे हैं। बाजार तैयार हो रहे हैं। मिठाई के कारोबारी अभी से ही बाजार का मूड भांपने में लग गए हैं। मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। कोई यहीं पर खोवे में मिलावट कर रहा है तो कोई कानपुर व जरवल रोड से खोवे का आर्डर दे रहा है। फिलहाल, खाद्य सुरक्षा विभाग का दावा है कि कार्रवाई की जा रही है।

बात अगर मिलावटी खोवे की करें तो इसमें पूरा रैकेट काम कर रहा है। कानपुर व जरवल से आने वाले खोवे को जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पकड़ लेती है तो उस पर कोई दावा करने नहीं आता है। ऐसे में लाख टके का सवाल है कि जब मंगाया गया खोवा सही है तो उस पर संबंधित व्यापारी यह मानने से क्यों हिचक रहा है कि यह खोवा उसका है। ऐसे में मिलावटखोरों की पहचान नहीं हो पाती है। यही नहीं, मिलावटी खोवा बनाने में दूध के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। इसमें रिफाइंड ऑयल मिला दिया जाता है। रसायन, आलू, शकरकंदी का भी प्रयोग किया जाता है। दूध में भी कई बार मिलावट का मामला सामने आता है। हालांकि सबसे ज्यादा मिलावट पानी की हो रही है। बरतें सावधानी

-चिकित्सक डॉ. वीसी गुप्ता का कहना है कि मिठाई खरीदते समय पहले उसे परख लें। यह जान लें कि उसमें कोई मिलावटी पदार्थ का प्रयोग तो नहीं किया गया है। इसके बाद ही उसे खरीदें। कई बार मिलावटी मिठाई खाने से लोग बीमार पड़ चुके हैं।

- मिलावटखोरों पर पूरी नजर है। इस बार अभियान चलाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके हिसाब से कार्रवाई होगी।

हितेंद्र मोहन त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

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