गोंडा: इंटरसिटी ट्रेन से लखनऊ से गोरखपुर तक यात्रा करने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ने वाली हैं। आगामी जुलाई माह से जिले के दो रेलवे स्टेशनों से इस ट्रेन का ठहराव बंद हो सकता है। इसकी तैयारी में रेलवे प्रशासन लगा है।

बतातें चलें कि 28 फरवरी 2009 से इंटरसिटी ट्रेन का कर्नलगंज रेलवे स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव किया गया था। इसी के साथ सहजनवा व जरवल रोड रेलवे स्टेशन पर इसके ठहराव का अस्थाई आदेश हुआ था। सूत्रों की मानें तो कर्नलगंज रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 113 यात्रियों का आवागमन होता रहा। यहां से लगभग 7000 रुपये के आसपास प्रतिदिन की आय है। वहीं सहजनवा से 131 यात्रियों का प्रतिदिन आना जाना है। यहां से 14000 रुपये से अधिक की आय प्रतिदिन है। जरवल रोड रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 59 यात्रियों का आना जाना है। यहां से चार हजार रुपये की प्रतिदिन की आय बताई जाती है। पिछले 9 वर्षों से इस ट्रेन का संचालन व ठहराव अस्थाई तौर पर होता रहा। जिसे अब नियमानुसार चलाने की तैयारी विभाग कर रहा है। विभाग के नियम के अनुसार डीजल इंजन से संचालित होने वाली ट्रेन का ठहराव उन स्टेशनों पर होना चाहिए जहां कम से कम 26000 रुपये प्रतिदिन की आय हो। वहीं विद्युत इंजन से चलने वाली ट्रेन का ठहराव कम से कम 21000 रुपये प्रतिदिन आय वाले स्टेशनों पर होनी चाहिए। यदि नियम के अनुसार इंटरसिटी ट्रेन का ठहराव किया गया तो तीनों स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव हो पाना संभव नहीं है। स्टेशन अधीक्षक दिनेश स्वर्णकार ने बताया कि इंटरसिटी ट्रेन का ठहराव अस्थाई रूप से चल रहा है। इसे बंद करने की उन्हें कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

Posted By: Jagran