जागरण संवाददाता, दुल्लहपुर, गाजीपुर : जलालाबाद स्थित क्रय केंद्र पर तीन दिनों से गेहूं लदे ट्रैक्टर खड़े होने से ट्रैक्टर मालिकों व किसानों में आक्रोश है। तौल बंद होने का हवाला देकर क्रय केंद्र प्रभारी उन्हें लौटा रहे हैं। बुधवार की दोपहर में दैनिक जागरण की पड़ताल में जलालाबाद क्रय केंद्र पर किसानों की पीड़ा साफ नजर आ रही थी। कुछ किसानों को 14 जून का टोकन होने के बावजूद उनका गेहूं खरीद नहीं हो पाया। खरीद की तिथि बढ़ाने के बावजूद यह स्थिति है।

केंद्र पर पहुंचे हरदासपुर कलां निवासी किसान रिकू सिंह ने बताया कि 14 जून को खरीद की तिथि मिली थी। तौल बंद होने का हवाला दिया जा रहा है। वहीं करूईं गांव निवासी किसान प्रसाद यादव व हरदासपुर निवासी रवींद्र नाथ चौबे का गेहूं लदा ट्रैक्टर तीन दिनों से खड़ा है। कोठिया निवासी प्रभुनाथ सिंह भी तौल बंद होने की जानकारी से लौट गए। कुछ किसानों ने बताया कि टोकन मिलने के बाद भी गेहूं नहीं लिया जा रहा है। निजामुद्दीनपुर के किसान मसूद हसन ने बताया कि गेहूं बेच चुके हैं लेकिन अब तक खाते में धनराशि नहीं भेजी गई। इधर, केंद्र के एसएमआइ संजय कुमार गौतम ने बताया कि जलालाबाद का क्रय केंद्र उपकेंद्र है। इसके चलते यहां वर्तमान में खरीद का विकल्प नहीं है। जिलाधिकारी के पास फाइल भेजी जाएगी। अगर आदेश मिला तो फिर तौल शुरू किया जाएगा।

भांवरकोल : न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तिथि बढ़ाने के बावजूद सहकारी समिति सुखडेहरा व अमरुपुर पर बुधवार को ताला लटक रहा था। काफी देर इंतजार करने के बाद किसान लौट गए। केंद्र पर गेहूं उसी तरह पड़ा है। इसे लेकर प्रतिदिन किसान केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र प्रभारी मनमानी कर रहे हैं। साधन सहकारी समिति सुखडेहरा के केंद्र प्रभारी हिमांशु प्रधान व साधन सहकारी समिति अमरूपुर के क्रय केंद्र प्रभारी शिवम तिवारी के कोविड पाजिटिव होने के कारण गेहूं की खरीद लगभग 40 दिन बाद शुरू हुई। इसके चलते खरीद कम हुई है। इधर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन शुक्ला ने बताया कि पीसीओ के माध्यम से गेहूं की खरीद करने वाले सभी गेहूं क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। केवल मंडी समिति स्थित पीसीएफ के कांटों को ही एक्टिवेट किया गया है। जिन किसानों को गेहूं बेचना है, अब उन्हीं केंद्रों पर संपर्क करें।

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