जागरण संवाददाता, गाजीपुर : करवा चौथ व्रत व पूजन की तैयारी में सुहागिन महिलाएं पूरे दिन लगी रहीं। रविवार को दिनभर निर्जला व्रत रहने के बाद सुहागिनें शाम को चंद्रमा को देखने के बाद व्रत तोड़ेंगी। करवा चौथ का चांद हर सुहागिन स्त्री के लिए बेहद खास होता है। व्रत की पूर्व संध्या पर शनिवार को बाजार में करवा चौथ से जुड़ी सामग्री की दुकानों पर काफी भीड़ रही। पूरा बाजार सजा हुआ रहा और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। वह पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रोदय पर शिव परिवार सहित चंद्र देवता का पूजन कर व करवा चौथ माता की कथा सुनकर पति के हाथ से जल ग्रहण करती हैं। ब्यूटी पार्लर में महिलाओं की भीड़ लगी रही। साथ ही पूरे दिन हाथों पर मेंहदी रचाई जाती रही। इस वर्ष सोने के भाव में बढ़ोतरी के बावजूद ज्वेलरी की दुकानों पर खरीदारी हुई। दस हजार से 20 हजार तक के सोने के आभूषणों की सर्वाधिक मांग रही। चांदी के आभूषणों में पायल, बिछिया आदि की भी खरीदारी की गई। सराफा व्यवसायी संतोष वर्मा, प्रदीप वर्मा आदि ने बताया कि सोने के आभूषणों में मध्यम वर्गीय परिवार की महिलाएं सर्वाधिक आभूषण खरीद रही हैं जिसमें कान के आभूषण सर्वाधिक बिक रहे हैं।

करवा चौथ पर रहता है चांद का इंतजार

खानपुर: व्रती सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रहकर चांद निकलने के एक घंटे पहले पूजा शुरु कर चांद के दर्शन कर पति का चेहरा देखकर उन्ही के हाथों जलग्रहण कर व्रत का पूरा करती हैं। बोली सुहागिनें

करावा चौथ के दिन दिनभर व्रत रखने के बाद रात में चांद की ओट से चलनी से पति को देखना अदभुत आंनद देता है। पति के हाथों व्रत तोड़ने का सौभाग्य से जीवन धन्य होने जैसा लगता है।

निशा यादव, जिला पंचायत सदस्य, बहुरा। करवा चौथ के व्रत का इंतजार साल भर से रहता है। इस त्योहार में सोलह श्रृंगार के साथ पति का सानिध्य और स्नेह मिलता है। पति के साथ पूजन की तैयारी व्रत पूजन के साथ पारण करना रोमांचित करता है।

डा. रुक्मणि पाठक, फरीदहा फौजी पति की अनुपस्थिति में उनके तस्वीरों या लाइव वीडियो के माध्यम से व्रत पूजन कर पारण करना होता है। पति की देश सेवा पर गर्व करते हुए उनके बिना भी व्रत आनंदायक रहता है।

- खुशी पांडेय, इशोपुर करवा चौथ पर पति पूजन सेवा सहयोग के साथ, उनके द्वारा मिला स्नेहाशीष निर्जला व्रत को प्रेमानंद से भर देता है। हर जन्म में इसी पति की कामना करते है।

रुचि सिंह, खानपुर

Edited By: Jagran