गाजीपुर में सीआइएसएफ जवान पर फायरिंग के तीनों आरोपित गिरफ्तार, दो मुठभेड़ में घायल
गाजीपुर में सीआईएसएफ जवान और उनके चचेरे भाई को गोली मारने के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

गाजीपुर में सीआइएसएफ जवान पर फायरिंग के तीनों आरोपित गिरफ्तार, दो मुठभेड़ में घायल।
HighLights
सीआईएसएफ जवान पर फायरिंग के तीनों आरोपी गिरफ्तार।
दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए।
प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
जागरण संवाददाता, भांवरकोल (गाजीपुर)। सीआइएसएफ जवान राघवेश सिंह यादव और उनके चचेरे भाई पंकज यादव को गोली मारकर घायल करने के मामले में भांवरकोल पुलिस ने रविवार को तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने रविवार भोर जसदेवपुर मोड़-सुखडेहरा मार्ग पर मुठभेड़ के दौरान आशुतोष राय उर्फ बिट्टू और उपेंद्र नाथ राय को गिरफ्तार किया।
इस दौरान आशुतोष के बाएं पैर में गोली लगी थी। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तीसरे आरोपित सर्वेश राय उर्फ सिट्टू को भी मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसके दाहिने पैर में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद भेजा गया।पुलिस के अनुसार, सर्वेश की गिरफ्तारी मिशन स्कूल के पास नहर पुलिया से डिग्घा पुरवा होते हुए वीरपुर जाने वाली सड़क पर हुई।
गिरफ्तारी के बाद बरामदगी की कार्रवाई के दौरान सर्वेश ने 32 बोर की पिस्तौल से पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। मौके से 32 बोर की पिस्तौल, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इससे पहले आशुतोष और उपेंद्र की गिरफ्तारी के दौरान 315 बोर का एक देसी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस मिला था।
मामूली विवाद के बाद जवान और उसके चचेरे भाई को मारी थी गोली
बीते 13 अक्टूबर की शाम सुखडेहरा गांव के पास जसदेवपुर मोड़ पर विवाद के बाद सीआइएसएफ जवान राघवेश सिंह यादव और उनके चचेरे भाई पंकज यादव को गोली मार दी गई थी। बोकारो में तैनात जवान अवकाश पर घर आए थे। आरोप है कि परिवार के युवाओं के साथ पुलिया पर बैठे जवान की कार सवार आरोपित भाइयों से कहासुनी हुई थी।
विवाद के दौरान तमंचे के बट से जवान के सिर पर प्रहार किया गया। चोट लगने पर स्वजन उन्हें जसदेवपुर मोड़ स्थित निजी चिकित्सक के यहां उपचार के लिए ले गए। इसी दौरान आरोपितों ने वहां पहुंचकर फायरिंग कर दी। गोली जवान के पैर और कान के पास, जबकि पंकज के दाहिने तरफ सीने के पास लगी थी। जवान के शिक्षक भाई राकेश यादव बाल-बाल बच गए थे।
दोस्त की हत्या में सजा काट चुके हैं दोनों भाई
पुलिस के अनुसार, आशुतोष और सर्वेश का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। करीब नौ वर्ष पहले दोस्त नगेंद्र यादव उर्फ नागा की हत्या के मामले में दोनों जेल गए थे और उन्हें सजा भी हुई थी। आशुतोष के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। सर्वेश के खिलाफ भी हत्या, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उपेंद्र नाथ राय के खिलाफ भी पूर्व में दो मुकदमे दर्ज हैं।
