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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Akhilesh Yadav ने माफिया मु्ख्तार अंसारी के बारे में ये क्या कह दिया..., सपा मुखिया ने स्वजन से मुलाकात कर जताया शाेक

Published: Sun, 07 Apr 2024 09:59 PM (IST)Updated: Sun, 07 Apr 2024 11:14 PM (IST)

कहा-मुख्तार की मौत की निष्पक्ष जांच को लेकर सरकार पर भरोसा नहीं। मुख्तार की मौत को रूस में विपक्ष के ...और पढ़ें

अखिलेश ने माफिया मुख्तार को बताया जनता का सेवक
अखिलेश ने माफिया मुख्तार को बताया जनता का सेवक

HighLights

  1. अखिलेश ने माफिया मुख्तार को बताया जनता का सेवक
  2. सपा प्रमुख ने मुख्तार के घर जाकर स्वजन से मुलाकात कर जताया शोक

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को सजायाफ्ता माफिया मुख्तार अंसारी को जनसेवक बताते हुए कहा कि वह वैसे बिल्कुल नहीं थे, जैसी उनकी छवि बना दी गई। मुख्तार जेल में रहते हुए विधायक चुने गए। जनता ने उन्हें पांच बार विधायक बनाया। इसका मतलब है कि वह व उनका परिवार जनता के दुख-दर्द में शामिल रहे। यही इसका नतीजा रहा है कि जनाजे में इतनी अधिक भीड़ उमड़ी।

सरकार पर आरोपों की लगा दी झड़ी

अखिलेश मुख्तार के गाजीपर स्थित पैतृक आवास पहुंचे और स्वजन से मिलकर शोक संवेदना जताई। इस मौके पर अखिलेश ने बांदा जेल में मुख्तार की हुई मौत को लेकर सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने मुख्तार की मौत की तुलना रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर विरोधी रहे विपक्ष के नेता एलेक्सी नवलनी की बीते फरवरी में जेल में हुई मौत से कर दी।

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बोले, सरकार के पास कोई जवाब नहीं

अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बांदा जेल की घटना सरकार पर कई सवाल खड़े करती है। मुख्तार ने जहर देने की शिकायत करते हुए अपनी जान को खतरा बताया था। जेल में जो हुआ, सरकार के पास उसका कोई जवाब नहीं है। यह घटना स्तब्ध करने वाली है। हिरासत में मौत के मामले में यह सरकार औरों से आगे जाना चाहती है। न्याय देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां न अधिकारी सुनते हैं और न सरकार। लोकसभा चुनाव में भाजपा को जनता सबक सिखाएगी।

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एक सवाल के जवाब में कहा कि सीएम व डिप्टी सीएम को अपनी भाषा मर्यादा के दायरे में रखनी चाहिए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की भाषा बता रही कि उनसे बड़ा कोई गुंडा नहीं है। पिछले साल बलिया में सूदखोरों के उत्पीड़न से तंग होकर व्यापारी के फेसबुक लाइव होकर जान दे देने की घटना का जिक्र करते हुए भी सरकार को घेरा।