जासं, गाजीपुर : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्थापक डा. संपूर्णानंद की जयंती सरजू पांडेय पार्क में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा कर ओर से मंगलवार को मनाई गई। साथ ही उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें कुछ राजनीतिज्ञ व बहुमुखी प्रतिभा के धनी बताया।

कहा कि वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रिम पंक्ति के सेनानी थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वह शिक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री बने। 1962 में राजस्थान के राज्यपाल भी बने। उन्होंने अपने जीवन में कई किताबें लिखीं। दर्शन, ज्योतिष, भारतीय संस्कृति, राजनीति, गणित, विज्ञान, शिक्षा और साहित्य उनके ¨चतन व लेखन के विषय रहे। इससे पूर्व उनके चित्र पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें मुक्तेश्वर प्रसाद, एमसी लाल, चंद्रप्रकाश, राजेश श्रीवास्तव, अमर ¨सह राठौर, सुनील दत्त, नन्हे, अभिनव, अभय, प्रवीण, बिट्टू, सदानंद, शिवशंकर सिन्हा, राजेश, अरुण, गुलाब राव, संजय सेवराई, साहब राय मौजूद रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव व संचालन शैल श्रीवास्तव ने किया।

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