जागरण संवाददाता, भदौरा (गाजीपुर) : सेवराई तहसील क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा व देवल बनाया गया। मगर सीएचसी भदौरा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मी के भरोसे चल रहा है। वहीं जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण दोनों स्वास्थ्य केंद्र झाड़ियों में तब्दील हो गए हैं। स्थिति ऐसी है चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मी के भरोसे चल रहे हैं।

देवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुरहां, अमौरा, बकसडा, लहना, हरिकेशपुर, भाष्कर दयालपुर व बारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुतुबपुर, मगरखाई, भतौरा, दलपतपुर, रोइनी गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए चिकित्सक, फार्मासिस्ट के साथ अन्य स्टाफ की तैनाती की गई थी। लोगों को 24 घंटे उपचार मिल सके, इसके लिए आवास की व्यवस्था भी है। मगर आज तक परिसर के आवासों को किसी भी कर्मी ने आशियाना नहीं बनाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा एवं देवल पर किसी भी दिन चिकित्सक नहीं रुके हैं। इससे आवासीय भवन खंडहर में तब्दील हो गए। इसके साथ ही चारों ओर उगी झाड़ियां अस्पताल की बदहाली को बयां कर रही है। पेयजल आपूर्ति के लिए रखी टंकी से एक बार भी पानी की आपूर्ति न होने से निष्प्रयोज्य हो गई।

- सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को लेकर कई बार पत्र लिखा गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आवासीय भवन के मरम्मत के संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। बजट आते ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

-डा. धनंजय आनंद, प्रभारी चिकित्सक, भदौरा।

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