जासं, सादात (गाजीपुर) : क्षेत्र के कनेरी गांव स्थित मां वनसत्ती मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय धनुष यज्ञ रामलीला के चौथे दिन शनिवार को फुलवारी रामलीला का जीवंत मंचन किया गया। जनकपुर में सीता स्वयंवर में अपने भाई लक्ष्मण के साथ श्रीराम पहुंचे हैं। गुरु विश्वामित्र को पुष्प चढ़ाने के लिए फूल तोड़ने फुलवारी में पहुंचते हैं। वहां पर सीता जी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को देखती हैं। अपने इष्ट माता पार्वती से प्रार्थना करते हुए कहती हैं कि सुन सिय सत्य आशीष हमारी पूजहु मनोकामना तुम्हारी। सीता जी कहती हैं कि हे माते यह धनुष यही वीर पुरुष तोड़े जिसे मैंने फुलवारी में देखा है। मैं इन्हें ही मन से अपना वर मान चुकी हूं। मां सीता के प्रार्थना करते ही माता पार्वती मुस्कुराते हुए सीता को आशीर्वाद देती हैं। अभिमन्यु सिंह, दयाशंकर तिवारी, रमेश सिंह, संजय सिंह, विनय कुमार, आलोक यादव, शिवशंकर जायसवाल, सुरेंद्र सिंह आदि थे।

Posted By: Jagran

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