तुम तो फिल्मों वाले ठाकुर… तेज बहादुर सिंह के अंदाज के कायल हो गए थे नाना, गाजीपुर में की थी ‘आंच’ की शूटिंग
गाजीपुर के करमपुर में नाना पाटेकर के निधन की खबर से ग्रामीण सदमे में हैं। वे 25 साल पहले फिल्म ...और पढ़ें

गाजीपुर: स्व. तेजबहादुर सिंह के घर के पीछे खड़े होकर उनका कंधा दबाते अभिनेता नाना पाटेकर। स्वजन
HighLights
नाना पाटेकर के निधन की खबर से करमपुर में सदमा।
25 साल पहले 'आंच' फिल्म की शूटिंग के लिए आए थे।
तेजबहादुर सिंह की हवेली और व्यक्तित्व से हुए थे प्रभावित।
विंदेश्वरी सिंह, गाजीपुर। फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर गुरुवार सुबह करमपुर और आसपास के ग्रामीणों के लिए किसी सदमे से कम नहीं रही। करीब 25 वर्ष पहले फरवरी 2001 में फिल्म ‘आंच’ की शूटिंग के लिए करमपुर पहुंचे नाना पाटेकर कई दिनों तक गांव और आसपास के इलाकों में रहे थे। शूटिंग के दौरान उनके अभिनय के साथ ही ग्रामीणों से घुलने-मिलने का अंदाज आज भी लोगों की स्मृतियों में ताजा है।
ग्रामीण परिवेश पर आधारित फिल्म ‘आंच’ में सत्ता, सामाजिक असमानता, न्याय और व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष को कहानी का आधार बनाया गया था। फिल्म में नाना पाटेकर और परेश रावल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 2003 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन राजेश कुमार सिंह ने किया था। फिल्म के कई दृश्यों में गाजीपुर के ग्रामीण परिवेश और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई दी।
दरवाजे पर हाथी-घोड़े देख हुए थे प्रभावित
करमपुर स्थित मेघबरन सिंह हॉकी स्टेडियम के संचालक स्व. तेजबहादुर सिंह की हवेली और दरवाजे पर बंधे हाथी-घोड़ों को देखकर नाना पाटेकर उनसे काफी प्रभावित हुए थे। वह अक्सर कहते थे, ‘तुम तो सच में फिल्मों वाले ठाकुर हो।’
तेजबहादुर सिंह के भाई पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह बताते हैं कि फिल्मों में क्रोधी किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर वास्तविक जीवन में बेहद शांत, हंसमुख और सहृदय व्यक्ति थे। शूटिंग समाप्त होने के बाद वह सहज माहौल में लोगों से बातचीत करते थे।
फिल्म के किरदार में भी उतारा
पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह के अनुसार, करमपुर में नाना पाटेकर ने बाजरे की रोटी और चने का साग भी खाया था, जिसका उन्होंने खूब आनंद लिया। स्व. तेजबहादुर सिंह के पहनावे और व्यक्तित्व से वह इतने प्रभावित हुए कि उनके जूते पहनने के अंदाज, घुटने तक मरदानी धोती पहनने की शैली, बैठने और बोलने के तरीके को फिल्म के किरदार में भी उतारा।
करमपुर के लोग बताते हैं कि बड़े कलाकार के गांव में होने की खबर पर शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती थी। आज उनके निधन की खबर के बाद वही यादें एक बार फिर लोगों की बातचीत में लौट आईं।
