जासं, गाजीपुर : नीम-हकीम व आशा कार्यकर्ता के गठजोड़ ने एक और जच्चा -बच्चा की जान ले ली। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के खोवामंडी स्थित एक अवैध प्रसव केंद्र का है। रविवार को यहां प्रसव कराने आयी भांवरकोल थानाक्षेत्र के सुखडेहरा गांव निवासी मीना पत्नी भीम गोड़ की मौत हो गई। मौत होते ही अपनी जान छुड़ाने के लिए उसे जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया।

खोवामंडी में यह खेल काफी दिन से चल रहा है। यह अप्रशिक्षित दायी अब तक दो दर्जन प्रसूताओं की जान ले चुकी है। मुश्किल से मुश्किल केस में वह नार्मल डिलवरी कराने का प्रयास करती है जिससे प्रसूता की जान चली जाती है या उसकी हालत गंभीर हो जाती है। कुछ ऐसा ही मीना के साथ भी हुआ। मीना को पहला व दूसरा बच्चा नार्मल पैदा हुए थे लेकिन तीसरा आपरेशन से पैदा हुआ। यह चौथा बच्चा था। प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन गांव की आशा बहू को साथ लेकर मुहम्मदाबाद सीएचसी आए। यहां से रेफर होने के बाद वह जिला महिला अस्पताल के लिए चले। मृतका के भाई का आरोप है कि आशा बहू उन्हें जिला महिला अस्पताल की जगह खोवा मंडी स्थित एक अवैध प्रसव केंद्र पर ले गई। यहां उन्हें नार्मल डिलेवरी कराने का भरोसा दिया लेकिन उसकी जान चली गई। जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक डा. प्रीति पाल ने बताया कि मेरे यहां आने से पहले ही जच्चा-बच्चा की मौत हो चुकी है।

Posted By: Jagran

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