गाजीपुर में प्रशासक और इंजीनियर के बीच बढ़ा विवाद, गड्ढा मुक्ति से जुड़ा 4 करोड़ का टेंडर सस्पेंड
गाजीपुर जिला पंचायत में सड़क गड्ढामुक्ति के टेंडर पर प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी और प्रशासक पति के बीच विवाद हुआ, जिससे टेंडर प्रक्रिया स्थगित हो गई।

जिला पंचायत से 22 अक्टूबर को 16वां वित्त आयोग व पंचम राज्य वित्त आयोग योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 26-27 के गड्ढामुक्ति के 24 निर्माण कार्यों का टेंडर निकला था।
HighLights
विवाद के बाद गाजीपुर जिला पंचायत टेंडर प्रक्रिया स्थगित।
प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी की सुरक्षा में तीन पुलिसकर्मी तैनात।
करीबियों को टेंडर देने को लेकर हुआ था विवाद।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिला पंचायत में सड़कों के गड्ढामुक्ति के करीब पौने 4 करोड़ के टेंडर को लेकर प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी-इंजीनियर और प्रशासक पति के बीच बंद कमरे में विवाद हो गया। विवाद के दौरान पिस्टल निकलने की चर्चा है। इसके बाद प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उधर, एएमए की रिपोर्ट पर डीएम ने टेंडर प्रक्रिया स्थगित कर दी है। वहीं एएमए की सुरक्षा में तीन सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हालांकि इस मामले में प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी ने अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। विवाद के पीछे दोनों पक्षों का अपने-अपने करीबी ठेकेदारों को टेंडर देना है।
जिला पंचायत से 22 अक्टूबर को 16वां वित्त आयोग व पंचम राज्य वित्त आयोग योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 26-27 के गड्ढामुक्ति के 24 निर्माण कार्यों का टेंडर निकला था। जिला पंचायत, लोकनिर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के ही पंजीकृत ठेकेदारों को ही टेंडर डालना था। इसकी धनराशि करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक है। जानकारों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी में अपने-अपने करीबियों को टेंडर देने को लेकर खींचतान थी। चूंकि बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने से सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
ऐसे में अधिकारी और प्रशासक के ही स्तर पर इसकी प्रक्रिया पूरी होनी है। इसको लेकर तीन दिन पहले प्रशासक प्रतिनिधि और प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर ही टेंडर प्रक्रिया स्थगित की गई है। उधर, प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार मालवीय का कहना है कि विवाद हुआ था, लेकिन वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। दूसरी तरफ प्रशासक पक्ष की ओर से कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया गया।
जुगाड़ से इंजीनियर को मिला प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी का प्रभार!
अपर मुख्य अधिकारी का प्रभार इंजीनियर राजेश कुमार मालवीय पर है। इंजीनियर को ही प्रभार देने के लिए यहां तैनात अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया। काफी दिनों तक पद खाली रहा है। शासन से किसी दूसरे अपर मुख्य अधिकारी की तैनाती नहीं की गई। चर्चा थी कि सत्ता के रसूखदार मंत्री की परिक्रमा के बाद बड़े जुगाड़ से इंजीनियर को अपर मुख्य अधिकारी का प्रभार मिला। लड़ाई 15 से 20 प्रतिशत लेकर अपने-अपने करीबियों को ठेका देने को लेकर है। शायद यही वजह है कि प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी पीछे हट गए हैं।