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गाजीपुर का अमित कभी नहीं गया पीलीभीत, पर राशन कार्ड में 9 अजनबियों के साथ मिला नाम, सामने आया फर्जीवाड़ा

Published: Wed, 16 Sep 2026 07:15 PM (IST)

गाजीपुर के अमित सहाय का नाम पीलीभीत के एक राशन कार्ड में फर्जी तरीके से दर्ज पाया गया है, जिसमें नौ अलग-अलग सरनेम वाले लोग शामिल हैं।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

HighLights

  1. गाजीपुर के अमित का नाम पीलीभीत के राशन कार्ड में मिला।

  2. एक ही कार्ड पर नौ अलग-अलग सरनेम के नाम दर्ज।

  3. फर्जीवाड़े से 45 किलो राशन का उठाव, जांच जारी।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। खाद्य एवं रसद विभाग की राशनकार्ड व्यवस्था में एक ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने पूरी प्रक्रिया की पोल खोल दी है। गाजीपुर के आराजी कस्बा स्वाद (बहरियाबाद) निवासी अमित सहाय का नाम पीलीभीत के बिसालपुर ब्लॉक के दुर्गा प्रसाद निवासिनी पुष्पा राठौर के एपीएल राशनकार्ड संख्या 115140273517 में मुखिया समेत नौ नाम दर्ज हैं।

पुष्पा राठौर, उनके पति अनिल कुमार, पुत्र विकास कुमार, पुत्री रामजानकी के साथ अमित सहाय, संत प्रकाश जैन, महेंद्र दत्त शर्मा, शालिनी सक्सेना और रजनी गंगवार के नाम शामिल हैं।

सभी का सरनेम अलग-अलग होने के बावजूद पूर्ति निरीक्षक ने आंख बंद कर राशन कार्ड को सत्यापन कर दिया। यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब अमित अपना राशन कार्ड बनाने के लिए पहुंचे और उनका नाम पहले से कार्ड में दर्शाने लगा। अमित का कहना है कि वह आज तक पीलीभीत गए ही नहीं और राशनकार्ड में दर्ज अन्य लोगों को भी नहीं जानते हैं।

अमित सहाय ने करीब डेढ़ साल पहले राशनकार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पता चला कि उनका नाम पहले से किसी दूसरे राशनकार्ड में दर्ज है। जब तक वहां से नाम डिलीट नहीं होगा, तब तक नया राशनकार्ड नहीं बन सकता।

मामले की जांच जारी

अमित ने इस संबंध में पूर्ति विभाग के जखनियां कार्यालय से जानकारी की तो बताया गया कि केवाईसी का काम चल रहा है। केवाईसी नहीं होने पर कुछ दिनों में नाम स्वत: हट जाएगा। इस पर वह विश्वास कर बैठे।

पिछले माह अमित सहाय ने दोबारा कार्ड बनवाने का प्रयास किया तो फिर वहीं स्थिति सामने आई। बहरियाबाद के कोटेदार ने ‘मेरा राशन’ एप पर विवरण देखा और अंगूठा लगाने का प्रयास किया, लेकिन उस समय फिंगर नहीं लगा। सोमवार को अमित के कोटेदार की मशीन में अंगूठा लगते ही संबंधित राशनकार्ड से 45 किलोग्राम राशन डिस्चार्ज हो गया।

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राशन फिलहाल कोटेदार के पास ही रखा गया है। यह व्यवस्था है कि कार्डधारक अपना राशन किसी भी कोटे से अंगूठा लगाकर ले सकता है। तभी अमित को प्रति सदस्य पांच किलो के हिसाब से 45 किलो चावल व गेहूं मिल गया।

यह भी पता चला है कि दो बार पुष्पा राठौर और दो बार अनिल कुमार ने राशन का उठान किया है। कार्ड में केवल पुष्पा राठौर की केवाईसी वेरीफाइड है, जबकि शेष आठ के नाम के सामने ‘नॉट रिपोर्टेड बाई स्टेट’ दर्ज है।

अमित से प्रार्थना पत्र लेकर उनका नाम राशन कार्ड से कटवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनके आवेदन को यहां से पीलीभीत फारवर्ड किया जाएगा। पीलीभीत से पता चलेगा कि किसने अमित का आधारकार्ड लगाया है।- अनंत प्रताप सिंह, डीएसओ गाजीपुर

इस प्रकरण की जांच की जा रही है कि आखिर गाजीपुर के व्यक्ति का आधार कार्ड पीलीभीत के राशन कार्ड में कैसे जुड़ा। ईकेवाइसी कैसे हुई। जांच के बाद ही पता चलेगा कि कितना राशन लिया गया है।- राजीव तिवारी, डीएसओ पीलीभीत