गंगा में डूब रही महिला की 10 किमी दूर तक पहुंची आवाज, गाजीपुर में तीन युवकों ने नाव से पहुंचकर बचाई जान
पारिवारिक विवाद से परेशान एक महिला ने गंगा में छलांग लगा दी, जो बहते हुए 10 किलोमीटर दूर जौहरगंज घाट तक पहुंची।
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महिला को बाइक पर बैठाकर कोतवाली आता युवक नितेश कुमार बंदे।
HighLights
महिला ने पारिवारिक विवाद के कारण गंगा में छलांग लगाई।
10 किमी दूर से आवाज सुनकर तीन युवकों ने बचाया।
अंधेरे और तेज धारा में बहादुरी से जान बचाई।
जागरण संवाददाता, सैदपुर (गाजीपुर)। गंगा की तेज धारा में डूब रही महिला की मदद के लिए लगाई गई गुहार करीब 10 किलोमीटर दूर जौहरगंज गंगा घाट तक पहुंच गई। घाट पर मौजूद तीन युवकों ने आवाज सुनते ही बिना देर किए नाव लेकर अंधेरे में गंगा की धारा का रुख किया।
काफी मशक्कत के बाद उन्होंने महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला को कोतवाली ले आई, जहां आवश्यक जानकारी लेने के बाद उन्हें स्वजनों को सौंप दिया गया।
कौड़ा गांव निवासी सोनी सिंह (36) को दो बच्चे हैं। स्वजन के अनुसार सोनी सिंह पारिवारिक विवाद को लेकर परेशान थीं। रविवार को वह गंगा-गोमती संगम स्थित मार्कंडेय महादेव धाम पहुंचीं। अंधेरा होने के बाद उन्होंने बाढ़ के कारण काफी चौड़ी हो चुकी गंगा की मुख्य धारा में छलांग लगा दी।
तैरना आने के कारण वह काफी देर तक खुद को बचाने का प्रयास करती रहीं। काफी दूर तक बहने के बाद जब उन्हें डूबने का अहसास हुआ तो उन्होंने मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। संयोग से उनकी आवाज करीब 10 किलोमीटर दूर जौहरगंज गंगा घाट तक पहुंच गई।
घाट पर मौजूद पवन निषाद, सोनू निषाद और कुंदन निषाद ने आवाज सुनते ही नाव लेकर गंगा की ओर रुख किया। अंधेरे और तेज धारा के बीच काफी प्रयास के बाद तीनों युवकों ने महिला को पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
कस्बा पुलिस चौकी प्रभारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि स्वजन के अनुसार महिला मानसिक अवसाद से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। महिला को स्वजन के सिपुर्द कर दिया गया।
कपड़ों में हवा भरने से मिली तैरने में मदद
बताया गया कि महिला के कपड़ों में हवा भर जाने से उन्हें कुछ देर तक पानी में तैरने में मदद मिली। तेज धारा और घने अंधेरे के बीच करीब 10 किलोमीटर तक बहने के बावजूद उनकी आवाज घाट तक पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने तीनों युवकों की तत्परता की सराहना की। उनकी सूझबूझ और साहस से महिला की जान बच सकी।
