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विंध्य एक्सप्रेसवे का मुआवजा बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान, डीएम को संबोधित पत्रक एसडीएम को सौंपा

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:40 PM (IST)

किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजे को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी को सौंपा।

विंध्य एक्सप्रेसवे का मुआवजा बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान।

विंध्य एक्सप्रेसवे का मुआवजा बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान।

HighLights

  1. किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे मुआवजे में वृद्धि की मांग की।

  2. भूमि अधिग्रहण में उचित मूल्य न मिलने पर जताई नाराजगी।

  3. मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

जागरण संवाददाता, जमानियां (गाजीपुर)। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन (अ) ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला विंध्य एक्सप्रेसवे निर्माण में कम मुआवजा को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी निधि को पत्रक सौंपा।

संगठन के जिलाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने कहा कि एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए किसानों की जमीन लिए जाने के दौरान उन्हें उचित मुआवजा दिलाने और किसानों के हितों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण एवं विकास कार्यों से प्रभावित किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

भूमि के सर्किल रेट में बढ़ोतरी तथा प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई है। प्रशासन से मांग की कि किसानों को उचित मुआवजे का निर्धारण कराया जाए। चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधा न नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाया जा सकता है।

पत्रक सौंपने वालों में मुन्ना सिंह, दुर्गेश सिंह, अमरनाथ सिंह, अनूप सिंह, दिन मुहम्मद, मोहित सिंह, अश्वनी सिंह, रियासत खान, जहांगीर खान, भोला शर्मा, रामविलाश यादव, तेजू राजभर, गंगा राजभर आदि रहे।

मुआवजा को लेकर किसान आक्रोशित

दिलदारनगर फतेहपुर नगर पंचायत के किसानों ने विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेस वे परियोजना में भूमि अधिग्रहण पर शनिवार को बैठक कर विरोध किया। किसानों ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीन सरकार को बगैर उचित मुआवजे की दर पर नहीं देंगे। इसमें शासन की व्यापक अनियमितता देखने को मिल रही है। फतेहपुर के बहुतायत किसानों की जमीन तहसील सेवराई के पलियां मौजे में पड़ती हैं।

यूपीडा से जारी मुआवजे की दर सूची में तहसील से पलियां मौजे का कहीं उल्लेख ही नहीं है, जबकि शासन की ओर से जारी किसानों के अधिग्रहित जमीन की सूची में पलिया मौजे में समस्त किसानों की सूची आ चुकी है।

डॉक्टर विकास यादव ने कहा कि सरकार को बाजार मूल्य के चार गुने कीमत की दर से किसानों को मुआवजा देना चाहिए। छोटी जोत के किसानों के जीवन का आधार ही चला जायेगा।

उपस्थित किसानों ने मुआवजे की दर बाजार मूल्य से चार गुने बढ़ाने और पलियां मौजे की स्थिति तत्काल स्पष्ट करने के लिए एसडीएम सेवराई को पत्रक सौंपने का निर्णय लिया है। शेषनाथ यादव, रामधीर जयादव, छागुर, सौदागर, हरिकिशुन, रामवृक्ष, जंग बहादुर, भृगु, सुबाष, परदेसी, मिथलेश, छोटू, मघन, रणजीत, आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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