जासं, खानपुर (गाजीपुर) : क्षेत्र के मौधा स्थित हरिओम गोशाला के दिन बहुरने की आस बलवती हो गई है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मौधा के श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में निजी खर्च पर गायों की देखभाल और उनकी सेवा के लिए 2009 से चलाये जा रहे हरिओम गौशाला के उत्थान और उसे आर्थिक अनुदान प्रदान करने के लिए सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। मौधा गांव निवासी गौसेवक और हरिओम गौशाला सेवा समिति के प्रबंधक शिवचंद्र गुप्त ने बताया कि वे बीते सात अक्टूबर को सिन्हा द्वारा जारी पत्र के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी कर चुके हैं। बताया कि मुख्यमंत्री ने गौशाला के उत्थान के लिए रेल राज्यमंत्री द्वारा लिखे गए पत्र को काफी गम्भीरता से लिया है। साथ ही इस मामले में जल्द सहयोग करने का आश्वासन भी दिया है। शिवचन्द्र गुप्त ने बताया कि श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा वृन्दावन के सन्यासियों के कईं आश्रमों में गौशालाएं देखीं और गौसेवा की प्रेरणा लेकर अपने गांव आया। ठान लिया कि अपने गांव में भी एक गौशाला बनायेंगे। जिसके जरिये वे बढि़यां नस्ल से लेकर अपाहिज, परित्यक्त और क्षेत्र की बीमार गायों की सेवा भी वे कर सकेंगे। वृन्दावन से लौटकर 2008 में अपने गांव मौधा आये और अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे खर्चकर गौशाला की स्थापना कर दी। इन दस सालों में कई उतार चढ़ाव के साथ दस साल बीतने का समय हो आया। हालत यह है कि सिर्फ एक गाय को लेकर शुरू की गई मौधा की हरिओम गौशाला में इस समय 72 गायें और गौवंश हैं। जिनकी सेवा के लिए भोलानाथ यादव नामक एक सेवादार भी रखा गया है। गौशाला के उत्थान के लिए और आवारा पशुओं से किसानों को निजात दिलाने के लिये रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा की गई पहल से क्षेत्र की जनता और गौपालकों में अपार हर्ष है। उनका कहना है कि गौसेवा के लिये शिवचंदगुप्ता द्वारा किये जा रहे कार्य में प्रदेश सरकार का सहयोग एक सराहनीय कदम है।

Posted By: Jagran

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