यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपने पुरखों के गांव पहुंच भावुक दिखे मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति
मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रऊफ बंधन गुरुवार को अपने पैतृक गांव नवली पहुंचे तो लोगों ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया। स्वागत से वह भी अभिभूत रहे।

गाजीपुर (जेएनएन)। मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रऊफ बंधन गुरुवार को अपने पैतृक गांव नवली पहुंचे तो लोगों ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया। स्वागत से वह भी अभिभूत रहे। उनके साथ पहुंची उनकी पत्नी आशमा बीबी व पुत्र जैद भी काफी भावुक दिखे। उनके आगमन को सुरक्षा के कारणों से गोपनीय रखा गया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परिवार के साथ पहुंचे रऊफ अपनों को पाकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। कहा कि सौभाग्य है कि मुझे आज अपने पैतृक गांव आने का मौका मिला जो मेरे व मेरे परिवार के लिए एक अविस्मरणीय क्षण है। इसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। गांव-घर के लोगों से मिलने के दौरान पुरखों के बारे में तमाम जानकारियां लेते रहे। अजान शुरू होते ही बात रोक एवं मस्जिद के मौलाना द्वारा उनकी लम्बी उम्र व देश, सभी वर्गों के लिए खुदा से अमन चैन की दुआ की। कहा कि सौभाग्य है कि मुझे आज पैतृक गांव आने का मौका नसीब हुआ। इन यादों को मैं अपने हृदय में बसाकर रखूंगा।
...जब भोजपुरी में की विकास की बात
मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रऊफ बन्धन ने अपने भोजपुरिया उद्बोधन में कहा कि गाजीपुर से दू घंटा चलला पर त अपन गांव नवली पहुंचनी ह, जेकर दूरी मात्र 22 किमी बा, लेकिन सड़क क स्थिति ठीक नईखे अउरी विकास खातिर सड़क बहुत जरूरी हऊवे। ग्राम प्रधान से कहा कि का हो प्रधान जी का हाल बा विकास चपले हऊवा। परिवार के सभी सदस्यों से भोजपुरिया अंदाज में ही बात की।
