जासं, गाजीपुर : नगर समेत ग्रामीण अंचलों में पितृ विसर्जन पर लोगों ने पूर्वजों को पिडदान किया। बारिश के चलते पिडदान प्रक्रिया में लोगों को परेशानी हुई लेकिन पूर्वजों के प्रति उनकी निष्ठा नहीं डिगी। नगर के चीतनाथ, महादेवा, ददरीघाट पर बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने पूर्वजों को पिडदान किया।

सैदपुर : नगर स्थित बूढ़ेनाथ महादेव घाट व पक्का घाट पर मूसलाधार बारिश के बावजूद भीड़ लगी रही। कोई छाता ओढ़कर तो कोई प्लास्टिक का तिरपाल ओढ़कर पिडदान कर रहा था। पिडदान के बाद लोग दान-पुण्य भी कर रहे थे।

खानपुर : पितृ विसर्जन पर खरौना, अमेहता, खानपुर, नायकडीह, अनौनी, बेलहरी आदि गांवों में नदी, पोखरों देवालयों व पीपल वृक्ष के पास लोग मुंडन संस्कार कर विधिविधान पूर्वक अपने पूर्वजों के तृप्ति के लिये पूजन कराए। बारिश की वजह से लोगों को परेशानी हुई। सिधौना के कर्मकांडी ब्राह्मण सुभाष दीक्षित कहते हैं कि पितृ विसर्जन पर अमावस्या के दिन धरती पर आए पितरों को याद कर उनकी विदाई की जाती है। पूरे पितृ पक्ष में पितरों को याद न किया गया हो तो अमावस्या के दिन उन्हें याद करके दान करने और गरीबों को भोजन कराने से पितरों को शांति मिलती है। इस दिन सभी पितर अपने परिजनों के घर के द्वार पर बैठे रहते हैं। जो व्यक्ति इन्हें अन्न जल प्रदान करते हैं उससे प्रसन्न होकर पितर खुशी-खुशी आशीर्वाद देकर अपने लोक लौट जाते हैं।

Posted By: Jagran

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