जासं, सैदपुर (गाजीपुर) : समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य व पूर्व एमएलसी रामकरन यादव उर्फ दादा की सातवीं पुण्यतिथि पर रविवार को सिधौना स्थित उनकी प्रतिमा के पास राजनीतिज्ञों का जमावड़ा लगा। उनके ज्येष्ठ पुत्र पूर्व एमएलसी डा. विजय यादव, मझले पुत्र ईशोपुर के ग्रामप्रधान अजय यादव व छोटे पुत्र डा. जय सिंह यादव, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख रमाशंकर उर्फ काटू सिंह के अलावा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्व एमएलसी ने कहा कि बाबूजी ने गाजीपुर ही नहीं पूरे पूर्वांचल के विकास में अहम भूमिका निभाई। कई बार विधायक व एमएलसी रहे और क्षेत्र में चहुंओर विकास किया। कुशल राजनीतिज्ञ होने के चलते सपा प्रमुख रहे मुलायम सिंह यादव व वर्तमान सपा प्रमुख अखिलेश यादव समय-समय पर उनसे सलाह-मशविरा करते थे। उन्होंने हमेशा समाज के दबे व कुचले लोगों के उत्थान के बारे में सोचा। जय सिंह यादव ने कहा कि उनकी कमी आज केवल हमारे परिवार को ही नहीं जनपद के समाजवादी विचारधारा से प्रेरित लोगों को भी खलती है। पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने कहा कि आज दादा हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके द्वारा मिली सीख हमारे साथ है। वे मेरे राजनीतिज्ञ गुरु थे। उनसे मैंने राजनीति का ककहरा सीखा। दादा ने कहा था कि कितनी भी मुसीबत सामने आए लेकिन सच्चाई से कभी मुख नहीं मोड़ना। जिसका हाथ एक बार थाम लिया उसका साथ अंतिम सांस तक निभाना। पूर्व ब्लाक प्रमुख रमाशंकर सिंह ने कहा कि दादा प्रतिदिन क्षेत्र के लोगों से मिलते थे। किसी का कोई काम रहता था तो वे स्वयं किसी भी अधिकारी के यहां चले जाते थे। वे सत्ता में रहे या ना रहे इसका कोई असर उनके विचारों व स्वभाव पर नहीं पड़ता था। उनकी व्यवहारिकता के कारण ही सपा ही नहीं गैर दलों के लोग यहां आते थे। आज उनसे प्रेरणा लेकर कई लोग राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल कर चुके हैं। गन्ना समिति के चेयरमैन संजय सिंह, पूर्व विधायक भोनू राम सोनकर, रामविजय चौहान, दिनेश यादव, कमलेश यादव, सेवानिवृत्त प्रवक्ता राजेंद्र पांडेय, नीतेश उर्फ भोनू सिंह, राजेंद्र सिंह, आदि थे।

Posted By: Jagran

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