सेना से रिटायर्ड कैप्टन बब्बन राम ने 65 साल की उम्र में रचा इतिहास, नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीते तीन गोल्ड
गाजीपुर के रिटायर्ड कैप्टन बब्बन राम ने सोनभद्र में आयोजित चौथी नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 65 प्लस आयु वर्ग में तीन स्वर्ण पदक जीते।

पदक व प्रमाण पत्र के साथ कैप्टन बब्बन राम
HighLights
रिटायर्ड कैप्टन बब्बन राम ने तीन स्वर्ण पदक जीते।
सोनभद्र नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन।
100 मीटर बाधा, ट्रिपल जंप, डिस्कस थ्रो में गोल्ड।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के रामपुर उर्फ साधोपुर निवासी सेना के रिटायर्ड कैप्टन बब्बन राम ने 65 प्लस आयु वर्ग में सोनभद्र में आयोजित चौथी नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड मेडल जीतकर जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
बब्बन राम ने प्रतियोगिता में 100 मीटर बाधा दौड़, ट्रिपल जंप और डिस्कस थ्रो में हिस्सा लिया और तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग तीन इवेंट में गोल्ड मेडल जीतना उनके अब तक के खेल जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया जा रहा है।
बब्बन राम के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना से जुड़ी
बब्बन राम वर्ष 1979 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हुए। सेना से रिटायर होने के बाद भी उनका खेल के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। वर्ष 2021 से उन्होंने 65 प्लस आयु वर्ग की मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब तक वह विभिन्न राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में करीब तीन दर्जन से अधिक पदक जीत चुके हैं, जिनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बब्बन राम के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना से जुड़ी रही हैं। उनके पिता स्वर्गीय मोती चंद सेना में सूबेदार थे और सेना की ओर से राष्ट्रीय स्तर के कुश्ती खिलाड़ी भी रह चुके थे।
बब्बन राम ने बताया कि उनका शुरू से ही खेलों के प्रति रुझान रहा है। सेना की सेवा के साथ-साथ उन्होंने खेलों में भी अपनी पहचान बनाई और अब मास्टर्स एथलेटिक्स में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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