जासं, गाजीपुर : यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुरू हुई दो दिवसीय हड़ताल के चलते पहले दिन शुक्रवार को करीब सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। हड़ताल में करीब दो हजार कर्मचारी शामिल रहे और चार सौ बैंक शाखाएं बंद रहीं। आठ सौ एटीएम पर ताले लटकते रहे जिससे उपभोक्ता कैश के लिए परेशान रहे।

इसमें बैंकिग उद्योग जगत के नौ यूनियन एआईईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, एनओबीडब्ल्यू एवं एनओबीओ शामिल हैं। चेताया कि अगर केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया तो बैंक संगठन 11, 12 एवं 13 मार्च को तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेगा। इसके बावजूद अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे पहली अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

यूएफबीयू के जिला इकाई के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने सरकार के नकारात्मक रवैये का विरोध किया। उन्होंने वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत पर वेतन पुनरीक्षण समझौता, पांच दिवसीय बैंकिग लागू किया जाना, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय, नई पेंशन योजना को समाप्त करना, पेंशन का अपडेशन एवं पारिवारिक पेंशन में सुधार करने की मांग की। सत्यम कुमार ने सरकार के निजीकरण, विदेशीकरण एवं विलयीकरण का विरोध किया। मांग किया कि ओपरेटिग प्रोफिट के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन किया जाए। संतोष कुमार ने अवकाश बैंक की शुरुआत करने की मांग की। सभा को टीएन सिंह, विनोद शर्मा, मंजीत मौर्य, सरयू चौधरी, रामअवध प्रेमी, राजेश कुमार, ब्रह्मदेव सिंह यादव, पुष्कल कुमार, मोहम्मद तसौव्वर, संतोष कुमार, कमलेश सिंह, सुनील उपाध्याय, सुबोध कुमार आदि ने संबोधित किया। वहीं विभिन्न मांगों को लेकर स्टेट बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस मौके पर जितेंद्र यादव, शिवम कुमार, प्रकाश रंजन, योगेश कुमार, आनंद पांडेय, मनोज कुमार एवं मनीेष कुमार आदि थे।

Posted By: Jagran

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