जासं, गाजीपुर : बहुचर्चित अलीशा हत्याकांड की वारदात को किसी और ने नहीं बल्कि उसके जीजा ने ही क्रूरतम तरीके अंजाम दिया था। उसने चापड़ से ताबड़तोड़ प्रहार कर युवती को मौत के घाट उतार शव को झाड़ियों में ठिकाने लगाकर फरार हो गया था। पुलिस टीम ने हत्या में प्रयुक्त चापड़ व बाइक समेत अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। इस निर्मम हत्या का खुलासा बुधवार को एसपी डा. अरविद चतुर्वेदी ने पत्रकार वार्ता कर किया।एसपी ने बताया कि बीते एक नंबर की सुबह साढ़े छह बजे भांवरकोल थाना क्षेत्र के पखनपुरा निवासी आरोपित जीजा शिक्षक इमाम सिद्दीकी उर्फ इमाम बक्श ने फोन करके अलीशा इरफान को रौजा बुलाया। इसके बाद बाइक से उसे अंबेडकर नगर स्थित कछौछा शरीफ दर्शन के लिए ले गया। वहां तालाब में स्नान करने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे नमाज पढ़ा व पुन: उसे वापस लेकर आने लगा। इस दौरान अलीशा से दूसरे से बातचीत करने को लेकर उसकी कहासुनी भी हुई। पहले की तरह उसने उससे शादी का प्रस्ताव भी रखा जिसे अलीशा ने साफ इंकार कर दिया। यह बात उसे बेहद नागवार गुजरी। दुल्लहपुर मार्ग स्थित महमूदपुर ढेबुआ स्थित भट्ठे के पास पहुंचते-पहुंचते शाम हो गई थी। वहां वहां सन्नाटा देख लघुशंका के बहाने रुका और अपने बैग से चापड़ निकाल कर दूसरी तरफ मुंहकर खड़ी अलीशा के गर्दन पर पीछे से वार कर दिया। इसके बाद उसे खींचकर झाड़ियों में ले गया। पहचान छिपाने के इरादे से पुन: चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर भाग निकला।

सर्विलांस और सीसी फुटेज से आया पकड़ में

आरोपित जीजा काल डिटेल और सीसी टीवी फुटेज से पकड़ में आया। वारदात के दिन अलीशा की सबसे अधिक उसी से बात हुई थी। इतना ही नहीं दोनों का लोकेशन भी पूरे दिन एक रहा। ऐसे में जब पुलिस ने उसे उठाया तो वह उसने यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की वह दरगाह पर अकेले ही दर्शन को गया था। ऐसे में पुलिस ने रास्ते और वहां के सीसी टीवी को खंगाला तो दोनों साथ दिखे। खास बात यह कि जाते समय अलीशा साथ थी और जीजा इमाम अहमद ने कुर्ता-पैजामा पहन रखी थी, जबकि वापसी के दौरान वह पैंट-शर्ट में दिखा। ---

रौजा तिराहा के पास पुलिस टीम को मिली सफलता

बीते दो नंबर को बिरनो थाना क्षेत्र के दुल्लहपुर मार्ग के महम्मूदपुर ढेबुआ स्थित रामू श्यामू भट्ठे के पास झाड़ियों में अलीशा का शव मिला था। एसपी ने एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में बिरनो पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की टीम लगाई थी। चार दिन के अंदर बड़ी ही सक्रियता व साक्ष्य संकलन के आधार पर हत्याकांड को अंजाम देने वाले युवती के सगे जीजा को टीम ने रौजा तिराहे से बीते पांच नवंबर को साढ़े दस बजे रात में धर-दबोचा।

--- जिस जीजा ने वारदात को अंजाम दिया था वह अलीशा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बेहद मुखर था। न सिर्फ पोस्टमार्ट हाउस पर उसके तेवर तल्ख थे बल्कि कब्रिस्तान पहुंचकर मिट्टी भी दी थी। खुद उस पर कोई शक न करे इसलिए वह शातिर तरीके से लोगों को भड़का भी रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद जब वह जब जाने लगा तो उसका पैंट झाड़ियों में लगकर फट गया। कुछ दूरी पर जाकर उसने पैंट फेंकने के साथ लोवर खरीकर पहन लिया था। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने अलीशा का बैग व चप्पल मुहम्मदाबाद-भांवरकोल मार्ग के बीच फेंककर पखनपुरा स्थित घर चला गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चापड़, बाइक, खून से सना शर्ट, मृतका का गुलाबी रंग का बैग, चप्पल, दो मोबाइल व तीन सिम भी बरामद कर लिया गया है। --------- कैंसर रोग से पीड़ित होने का उठाया फायदा

पुलिस की पूछताछ में आरोपित जीजा इमाम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अलीशा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह समय-समय पर आर्थिक मदद करता था। वहीं उसकी मां को कैंसर होने के चलते वह अक्सर इलाज के लिए वाराणसी जाती रहती थी। उसके परिवार वालों की गैर मौजूदगी में वह आता-जाता था। इससे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई। आरोपित के मुताबिक दोनों में शारीरिक संबंध भी रहे हैं।

पढ़ाई व नौकरी की मांगी थी मन्नत

अलीशा पढ़ाई व नौकरी के लिए किछौछा शरीफ दरगाह पर मन्नत मांगी थी। वह दर्शन के लिए वहां जाना चाहती थी। हत्यारोपित को इससे बेहतर मौका नहीं सूझा व उसने वारदात को अंजाम देने का तानाबाना मन में ही तैयार कर लिया। आरोपित अपने साथ ले गए बैग में चापड़ पहले से ही रखा हुआ था। दरगाह से दर्शन करने के बाद जब वह वापस अलीशा को बाइक पर बैठाकर आ रहा था। तभी से जगह की तलाश में लगा हुआ था। शाम होते ही उसने अलीशा की निर्मम हत्या कर वारदात को अंजाम दे दिया।

खुलासे की जानकारी होते ही लगी भीड़

सोशल मीडिया पर बहनोई द्वारा हत्या करने की बात फ्लैश होते ही व खुलासे की जानकारी होते एसपी कार्यालय के बाहर आमजनों की भारी भीड़ लग गई। मीडिया के सामने पेश करने के लिए जब पुलिस टीम हत्यारोपित को ले जा रही थी। उस दौरान लोग ऐसे कृत्य करने वाले हत्यारे जीजा के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते दिख रहे थे।

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साक्ष्यों का संकलन बड़ी सतर्कता के साथ किया गया है। अन्य साक्ष्यों को भी समाहित कर ऐसे कृत्य करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए जल्द ही चार्जशीट दाखिल किया जाएगा। साथ ही न्यायालय से जल्द सजा की आग्रह भी की जाएगी जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

-डा. अरविद चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक।

Posted By: Jagran

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