जासं, गाजीपुर : रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र के सदस्यों ने करीमुद्दीनपुर थानाक्षेत्र के खरहरा गांव में हो रहे एक बाल विवाह को रोकवा दिया। इसको लेकर परिजनों व ग्रामीणों का काफी रोष भी आशा ज्योति केंद्र की टीम को झेलना पड़ा।

आशा ज्योति केंद्र के टोल फ्री नंबर-181 पर किसी ने फोन किया कि उसके गांव में एक लड़की का बाल विवाह कराया जा रहा है। इस पर टीम के सदस्य सक्रिय हुए और मौके पर पहुंच गए। वहां विवाह की तैयारियां चल रही थी और लड़की को हल्दी लगाने की रस्म अदा की जा रही थी। पुलिस के साथ पहुंची आशा ज्योति केंद्र के सदस्यों ने जब यह विवाह रोकने को कहा तो घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह अपनी इज्जत व काफी नुकसान होने की दुहाई देने लगे। इस दौरान गांव के काफी लोग एकत्र हो गए। ग्रामप्रधान ने भी विवाह कराने की कोशिश की लेकिन आशा ज्योति केंद्र के सदस्य तैयार नहीं हुए। केंद्र की प्रभारी नीतू कुमारी ने बताया कि लड़की के प्रमाण पत्र की जांच की गई तो वह 14 वर्ष की निकली। परिजनों से लिखित शपथ पत्र लिया गया है कि वह उसका विवाह 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद ही करेंगे। टीम में 181 सुगमकर्ता नेहा राय व महिला आरक्षी सोनिया आदि भी शामिल थीं।

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