गाजीपुर में स्कूल के झूले में करंट उतरने ने मासूम छात्र ने तड़पकर तोड़ा दम, प्रबंधन पर परिजनों से हाथापाई का भी आरोप
गाजीपुर के दानिश मेमोरियल पब्लिक स्कूल में झूले पर झूलते समय बिजली के तार की चपेट में आने से आठ ...और पढ़ें
HighLights
गाजीपुर स्कूल में बिजली के तार से बच्चे की मौत।
झूले पर झूलते समय करंट की चपेट में आया छात्र।
स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और अनदेखी का आरोप।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिले में स्कूल में शनिवार की सुबह बिजली के नंगे तार के संपर्क में आने के बाद एक बच्चे की दर्दनाक मौत की घटना सामने आई है। बताया गया कि सुबह स्कूल पहुंचकर बच्चा झूले के संपर्क में आ गया जहां बिजली का एक तार उससे छू रहा था, लाेहे में करंट उतरने की वजह से बच्चे की मौत हो गई।
जंगीपुर थाना स्थित दानिश मेमोरियल (डीएम) पब्लिक स्कूल में शनिवार सुबह बिजली का लटकता तार आठ वर्षीय उत्कर्ष गुप्ता की मौत का कारण बन गया। झूले पर झूलते समय करंट की चपेट में आने से कक्षा तीन के छात्र की जान चली गई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्वजन का आरोप है कि तार के खतरे को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
गोविंद नगर, जंगीपुर निवासी दिलीप गुप्ता का पुत्र उत्कर्ष स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। स्वजन के अनुसार सुबह करीब आठ बजे वह स्कूल परिसर में लगे झूले पर खेल रहा था। इसी दौरान झूले के पास लटक रहे बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी गर्दन झुलस गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। जिस स्कूल में बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ने और खेलने जाते हैं वहीं हुई इस घटना ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक के मामा दीपक कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि झूले के पास लटक रहे तार को लेकर बच्चे पहले भी शिकायत कर चुके थे। इसके बावजूद उसे हटाने या सुरक्षित करने के लिए कदम नहीं उठाया गया। स्वजनों का कहना है कि हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें सीधे सूचना नहीं दी। परिवार के ही एक अन्य बच्चे ने फोन कर घटना की जानकारी दी। आरोप है कि स्कूलकर्मी पहले उत्कर्ष को एक स्थानीय मेडिकल स्टोर पर ले गए और फिर दो आया के साथ मेडिकल कालेज जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां बच्चे को छोड़कर स्कूल से जुड़े लोग चले गए।
परिजनों से हाथापाई का आरोप, प्रधानाचार्य नहीं मिले
स्वजन का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने पर जब वे स्कूल पहुंचे तो प्रधानाचार्य मौके पर नहीं थे। वहां मौजूद लोगों ने महिलाओं को आगे कर उनके साथ हाथापाई की और वीडियो बनाने से रोका। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
मेडिकल कालेज जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के अनुसार उत्कर्ष को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। पुलिस विधिक कार्रवाई में जुटी है। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
