जासं, गाजीपुर : अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम)/विशेष पाक्सो एक्ट मुहम्मद रिजवानुल हक की अदालत ने शनिवार को साढ़े तीन वर्ष पूर्व तीन वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त सुरेश राजभर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अर्थदंड न देने पर पर अभियुक्त को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो कोर्ट) के अधिवक्ता प्रभुनारायण सिंह ने बताया कि भुड़कुड़ा कोतवाली के एक गांव की तीन वर्षीय मासूम दो जून वर्ष 2016 की रात रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची। उसे खून से लथपथ देखने पर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने आशंका के आधार पर आसपास के स्थानों को देखा तो घर से करीब सौ मीटर दूर सूरजमुखी के खेत में जमीन पर खून फैला हुआ दिखाई पड़ा। इसके बाद पीड़िता की मां ने अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपित सुरेश राजभर को धर-दबोचा था। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया था। मुकदमा चलने के दौरान अभियुक्त की जमानत नहीं हो पाई थी। गिरफ्तारी के बाद से वह जिला कारागार में निरूद्ध रहा है। ट्रायल के दौरान सात गवाहों को परीक्षित कराया गया। न्यायालय द्वारा साक्ष्य के आधार पर मुकदमा संदेह के परे पाते हुए अभियुक्त सुरेश राजभर को आजीवन कारावास व 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

Posted By: Jagran

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