जागरण संवाददाता, गाजीपुर : जिले के 57 केंद्रों पर सोमवार तक 26317 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से 18284 एमटी गेहूं एफसीआई के गोदामों तक भेज दिया गया है। 8033 एमटी गेहूं अभी क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है। 3307 किसानों का 3422 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। 1666 किसानों को भुगतान अभी होना शेष है।

जनपद में किसानों से गेहूं की खरीद के लिए 57 क्रय केंद्रों का निर्धारण विभाग की ओर से किया गया है। इन केंद्रों पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए किसानों के गेहूं की तौल की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए उन्हें एडवांस आनलाइन कूपन भी जारी किया जा रहा है, जिससे वह अपनी तिथि पर समय के अनुसार केंद्र पर जाकर तौल करा सकें। किसानों की सुविधा के लिए जनपद में केंद्रों की संबद्धता को समाप्त कर दिया गया है। किसानों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। इसमें किसान अपनी समस्या की शिकायत कर उसका समाधान ले रहे हैं।

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समर्थन मूल्य 1975

जिले में निर्धारित क्रय केंद्र

खाद्य विभाग-24, पीसीएफ-19, यूपीपीसीयू-9, मंडी समिति-4 भारतीय खाद्य निगम-1

कंट्रोल रूम नंबर

डीएफएमओ आफिस- 0548-2223080

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-रतन शुक्ला, जिला विपणन अधिकारी।

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ढैचा की बोआई कर बढ़ाएं उपज

जागरण संवाददाता, गाजीपुर : जनपद में किसान खरीफ की फसल धान की रोपाई की तैयारी में लग गए हैं। धान की अधिक पैदावार व किसानों की आय को बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की ओर से उन्हें ढैंचा की बोआई की सलाह दी जा रही है। इससे मिट्टी की सेहत अच्छी होगी और उसमें उर्वरा शक्ति भी भरपूर रहेगी। इसके लिए ब्लाक के सभी 16 गोदामों पर ढैंचा का बीज उपलब्ध करा दिया गया है।

जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि हरी खाद का इस्तेमाल कर किसान 25 फीसद तक मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं। इससे अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं। ढैंचा की बोआई के 40 से 50 दिन बाद जोताई कर दें। फिर उसके एक सप्ताह बाद धान की रोपाई कर सकते हैं। कृषि विभाग की ओर से किसानों को ढैंचा का बीज दिया जा रहा है। सभी विकास खंडों पर 40-40 क्विटल बीज वितरण के लिए भेजा गया है। इसे गोदामों से लेकर किसान बोआई कर सकते हैं। प्रदर्शन बोआई पर किसानों को उनके खाते में 90 प्रतिशत का अनुदान विभाग की ओर से दिया जाएगा।