जागरण संवाददाता, गाजीपुर : कोरोना के संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है। फिलहाल जिला अस्पताल के दूसरे तल पर बच्चों के लिए 40 बेड का पीकू व 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड शनिवार को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसमें कोरोना से पीड़ित बच्चों को भर्ती कराया जाएगा। इसमें आधुनिक बेड, मशीनें व अन्य सुविधाएं लगी हैं। सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम लगा है, जिसमें अस्पताल परिसर में बने आक्सीजन प्लांट से सप्लाई होगी।

कोरोना संक्रमण का खतरा अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञ एक बार फिर कोरोना की तीसरी लहर आने का अंदेशा जता चुके हैं। तीसरी लहर में बच्चों के भी चपेट में आने की आशंका है, क्योंकि 18 प्लस वाले सभी लोग कोरोना को लेकर जागरूक हैं। वह नियमों का पालन भी कर रहे हैं, लेकिन बच्चे इतना ध्यान नहीं दे पाते। एक वजह यह भी है कि युवा व बुजुर्गों को वैक्सीन की डोज लग रही है। उनमें एंटी बाडी बन रही है। शासन स्तर से जिला अस्पताल में 100 बेड का चिल्ड्रेन वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया था। इसमें से 60 बेड तैयार कर लिए गए हैं, 40 और तैयार किए जा रहे हैं। पीकू वार्ड में कोरोना संक्रमित बच्चों को वेंटिलेटर से लेकर आक्सीजन तक की सुविधा प्रदान की जाएगी। जिला अस्पताल में बनाए जाने वाले पीकू वार्ड में 30 वेंटिलेटर बेड लगे हैं, जिससे गंभीर बच्चों के उपचार में सुविधा होगी।

--- प्रशिक्षित होंगे चिकित्सक

- पीकू व आइसोलशन वार्ड में ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पिछले दिनों बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डा. एसके मिश्रा व डा. तनवीर अहमद को शासन द्वारा आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अब डा. एसके मिश्रा व डा. उग्रसेन का नाम आफलाइन प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया है। शीघ्र ही दोनों चिकित्सकों को इसके लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद इसमें ड्यूटी करने वाले चिकित्साकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

--- : जिला अस्पताल में फिलहाल 40 बेड का पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) व 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बन गया है। शेष 40 बेड को भी तैयार किया जा रहा है। इसमें ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

- डा. राजेश कुमार सिंह, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल।

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