-जासं, गाजीपुर : मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत निराश्रित पशुओं को पालने के लिए सरकार इसका खर्च वहन करेगी। इसके तहत जो किसान पालन करेंगे उन्हें 900 रुपये प्रति माह प्रति पशुओं के हिसाब से दिया जाएगा। इसका लाभ लेने के लिए अब जिले में भी आवेदन आने शुरू हो गए हैं। अब तक विभिन्न ब्लाकों से कुल 163 आवेदन आए हैं।

जिले में 27 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इसमें 18 ग्रामीण व आठ नगरीय क्षेत्रों में हैं। वहीं एक कांजी हाउस है। 1378 संरक्षित और 1926 निराश्रित पशु चिन्हित किए गए हैं। निराश्रित पशुओं की बढ़ती संख्या के कारण किसानों की फसलें काफी नुकसान होती थीं। पशु आश्रय स्थल में जगह नहीं होने के कारण मवेशियों के सड़कों पर घूमने के कारण आए दिन हादसे भी होते थे लेकिन अब सरकार की मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना से इसमें काफी हद तक सुधार होगा। इससे मिलने वाले लाभ को देखते हुए पशुओं के पालने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अगर कोई किसान 10 पशुओं को पालेगा तो उन्हें नौ हजार रुपये मिलेंगे। पशु पालन विभाग में प्रतिदिन आवेदन भी आ रहे हैं। अभी तक कुल 163 आवेदन आए हैं। इससे बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी तो आएगी ही साथ ही पशुपालक आíथक रूप से स्वावलंबी भी बन सकेंगे। जिलाधिकारी द्वारा इच्छुक किसानों व पशुपालकों को चिह्नित करने के बाद डीबीटी के जरिए उनके खाते में 30 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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