जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: आजीविका चलाने के लिए एक व्यक्ति ने किस्तों पर ई-रिक्शा खरीदा और 13वें दिन ही जहरखुरान लूट ले गए। पीड़ित एक सप्ताह तक दो थानों के चक्कर काटते रहे। एसएसपी मुनिराज जी से शिकायत के बाद थाना सिहानी गेट में रिपोर्ट दर्ज की गई। वारदात से पहले थाना सिहानी गेट पुलिस ही इस गिरोह के आठ आरोपितों को जेल भेज चुकी है। बावजूद इसके गिरोह के बदमाश अभी भी सक्रिय हैं।

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सिहानी गेट व साहिबाबाद थाना पुलिस पर आरोप कल्लूपुरा निवासी मनीष कुमार ने बताया कि उन्होंने 10 जून को नया ई-रिक्शा लिया था। 23 जून को एक व्यक्ति व महिला ने राजेंद्र नगर के लिए बुकिग की और यहां पहुंचकर दुकान बंद होने की बात कह शीतल पेय की तीन बोतल लाया। उसके कहने पर मनीष ने भी शीतल पेय लिया, जिसके बाद उन्हें होश आया तो सड़क किनारे लावारिस हालत में मिले। ई-रिक्शा, मोबाइल व जेब में रखी नकदी गायब थी। थाना सिहानी गेट पहुंचे तो साहिबाबाद भेजा गया और साहिबाबाद जाते तो थाना सिहानी गेट भेज दिया जाता।

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200 से अधिक हैं सक्रिय सदस्य थाना सिहानी गेट पुलिस ने इस गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली क्राइम ब्रांच टीम ने बताया था कि गिरोह में 200 से अधिक बदमाश सक्रिय हैं, जो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में वारदात कर रहे हैं। सवाल है कि इतने बड़े गिरोह पर पुलिस कैसे काबू पाएगा, जब इन मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एसएसपी से गुहार लगानी पड़े।

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एफआइआर दर्ज न करने वाले नपेंगे एसएसपी का कहना है कि सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ई-रिक्शा समेत तमाम अपराधों में तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें और जांच कर आगे की कार्यवाही की जाए। ऐसा न करने वाले थाना प्रभारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे।

Edited By: Jagran