यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सफाई कर्मचारियों पर निगरानी के लिए पहनाई जाएगी स्मार्ट वॉच
शहर में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम सफाई कर्मियों को जीपीएस युक्त स्मार्ट वॉच पहनाने की तैयारी कर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : शहर में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम सफाई कर्मियों को जीपीएस युक्त स्मार्ट वॉच पहनाने की तैयारी कर रहा है। इससे कर्मचारियों पर निगरानी रखना आसान होगा। उनकी लोकेशन स्क्रीन पर दिखती रहेगी। कर्मचारी सफाई करने क्षेत्र में नहीं जाते, पार्षदों और स्थानीय लोगों की यह शिकायत भी दूर हो जाएगी। नगर निगम में 3500 सफाई कर्मचारी हैं। भारत सरकार की इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज (आइटीआइ) से ये स्मार्ट वॉच लेने पर मंथन किया जा रहा है। कुछ वक्त पहले कंपनी ने नगर निगम में इस वॉच का प्रजेंटेशन दिया था।
कंपनी ने निगम को दो विकल्प दिए थे। चाहे तो वॉच खरीद सकते हैं। एक वॉच की कीमत करीब 15 हजार रुपये है। इसमें काफी निवेश करना पड़ेगा। ऐसा संभव न हो तो किराए पर वॉच लेकर सफाई कर्मचारियों को दी जा सकती है। प्रति वॉच मासिक किराया 300 रुपये है। कंपनी ने इसके सही से काम करने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी विकसित कर रखा है। दिल्ली समेत कई शहरों में वॉच से सफाई कार्य को दुरुस्त करने का प्रयास चल रहा है। वॉच ऐसे करती काम
स्मार्ट वॉच सॉफ्टवेयर पर काम करती है। वॉच में जीपीएस लगा होता है। सॉफ्टवेयर में कर्मचारी का ड्यूटी टाइम उसके कार्यक्षेत्र की जानकारी फीड कर दी जाती है। निर्धारित वक्त पर जैस ही सफाई कर्मचारी अपने क्षेत्र में पहुंचेगा। एक बीप बजेगी और उपस्थिति दर्ज हो जाएगी। जहां-जहां कर्मचारी जाएगा, उसकी लोकेशन ठीक वैसे नजर आएगी जैसे सफाई कार्य में लगे वाहनों की नजर आती है। नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि इस योजना पर विचार चल रहा है। निर्णय होना बाकी है।
