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UP में अब भी सक्रिय 'दवा माफिया', महाराष्ट्र-हिमाचल के रास्ते आ रहा कोडीन सीरप; बिहार से बांग्लादेश तक सप्लाई

Published: Tue, 13 Oct 2026 08:16 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त सीरप की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद दवा माफिया सक्रिय है। महाराष्ट्र और हिमाचल के ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. यूपी में कोडीन सीरप की अवैध बिक्री पर नहीं लगी रोक।

  2. महाराष्ट्र, हिमाचल से आकर बिहार, बांग्लादेश तक हो रही सप्लाई।

  3. साहिबाबाद में गोदाम से पकड़ी गई कोडीन सीरप की बड़ी खेप।

आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। एनसीआर समेत अन्य राज्यों में कोडीन युक्त सीरप की आम बिक्री पर भले ही सरकार ने रोक लगा दी हो लेकिन उत्तर प्रदेश में इसकी चेन अभी भी नहीं टूटी है। यहां दवा माफिया धड़ल्ले से कोडीन युक्त सीरप का कारोबार कर रहे हैं और तस्करी कर इसे बिहार, बंगाल, गुजरात, बांग्लादेश समेत अन्य स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

महाराष्ट्र, उत्तराखंड व हिमाचल के रास्ते ये दवाएं एनसीआर में पहुंच रही हैं और उत्तर प्रदेश के रास्ते ठिकाने पहुंच रही हैं। पूर्व में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गईं, तस्कर गिरफ्तार भी हुए लेकिन माफिया अभी भी सक्रिय है।

पहले बिक्री पर नहीं थी पाबंदी

बता दें कि कुछ समय पहले तक कोडीन युक्त सीरप समेत अन्य कई दवाएं एनडीपीएस एक्ट के दायरे में नहीं था। कोई भी व्यक्ति बिना चिकित्सक के परामर्श के इसे मेडिकल स्टोर से खरीद सकता था और इसकी बिक्री पर कोई भी पाबंदी नहीं थी।

इसके चलते इसकी उत्तर प्रदेश में सप्लाई की लंबी चेन थी। लेकिन इसके एनडीपीएस के दायरे में आने के बाद आम बिक्री पर रोक तो लग गई लेकिन सप्लाई चेन अभी भी नहीं टूटी। इस कारण उत्तर प्रदेश समेत एनसीआर इन दवाओं की सप्लाई का ट्रांजिट हब बना हुआ है।

सोमवार देर रात पकड़ी गई कोडीन युक्त दवा की खेप भी कागजों पर तो दिल्ली के पते पर लाई गई थी लेकिन इसका भंडारण साहिबाबाद क्षेत्र में किया हुआ था।

दो माह से यहां से सप्लाई हो रही थी दवा

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस गोदाम से कोडीनयुक्त सीरप पकड़ा गया है वह दो माह पूर्व किराये पर लिया गया था। तब से यहां से दवा की सप्लाई बिहार, गुजरात व बांग्लादेश की जा रही थी। इस अवधि में हिमाचल की कंपनी से कितनी दवा मंगाई गई, इस संबंध में पुलिस की टीम कंपनी जाकर वहां के अधिकारियों से पूछताछ करेगी।

पूर्व में भी NCR में पकड़ा गया है कोडीन सीरप

  • वर्ष 2023 को हापुड़ में मेरठ रोड पर स्थित फ्लाईओवर के नीचे एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर कफ सीरप फेनसीड्रिल की 15 हजार 200 बोतल पकड़ी गई थीं।
  • वर्ष 2024 को हाफिजपुर थानाक्षेत्र में भटियाना के पास गोदाम से 800 बोतल कोडिन सीरप पकड़ा गया।
  • वर्ष 2025 में गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में एक ट्रांसपोर्ट गोदाम पर छापा मारा कर चार ट्रकों में छिपाकर रखी गई 3.40 करोड़ का कफ सीरप बरामद किया था। पुलिस ने आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
  • वर्ष 2023 से पहले पलवल व नूंह में कोडीन सीरप का गढ़ था। मेडिकल स्टोर से पान के खोखे तक सीरप बिकता था। 2023 में दैनिक जागरण ने स्टिंग किया तो जिम्मेदार सक्रिय हुए और अभियान चलाकर 17 लोगों को गिरफ्तार कर 5688 बोतल सीरप बरामद की।

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