जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : विजयनगर में दो मई की रात करीब आठ बजे ज्वेलर को गन प्वॉइंट पर लेकर चार लाख रुपये के गहने लूटने के मामले का पर्दाफाश कर पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनसे लूटा गया सभी माल, स्कॉर्पियो, तमंचा, पिस्टल व छह कारतूस मिले हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों भाड़े के शूटर हैं, जिन्होंने 20 फरवरी को लोनी में होम्योपैथी के डॉक्टर वीर सिंह को गोलियों से भून दिया था, तभी से आरोपित फरारी काट रहे थे। पैसे खत्म होने पर दोनों ने लूट की साजिश रची। एक आरोपित ज्वेलर अंकित वर्मा का सहपाठी रहा है। सहपाठी ने रखी थी कनपटी पर पिस्टल

एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि दिल्ली के बुराड़ी निवासी रोहित ठाकुर उर्फ रिक्की और नोएडा के बादलपुर निवासी राकेश दुजाना को मंगलवार सुबह कांशीराम आवास योजना के पास से गिरफ्तार किया गया है। रिक्की और अंकित प्रताप विहार स्थित सीएसएचपी स्कूल में 10वीं क्लास तक साथ पढ़े थे। उसे अंकित की दुकान के बारे में जानकारी थी। लूट की घटना में चार लोग शामिल थे। एक दिन पहले भी अंकित के पास एक युवक चांदी की चेन खरीदने के लिए आया था। इस दौरान वह काफी देर तक रुका और अजीब तरह से बात कर रहा था। अगले दिन साढ़े सात बजे बाइक पर तीन लोग आए, जिनमें दो दुकान में घुसे। दोनों ने चेहरे पर गमछा लपेट रखा था, जिस कारण अंकित रिक्की को पहचान नहीं पाया। रिक्की ने अंकित की कनपटी पर पिस्टल रख दी और दूसरे ने अंगूठी व बाली के छह बॉक्स निकाल लिए। अंकित के भाई मनीष के आने के कारण महज 50 सेकेंड में ही लूट को अंजाम देकर आरोपित फरार हो गए। डासना जेल में मिले थे दोनों पेशेवर

एसएचओ विजयनगर श्यामवीर सिंह ने बताया कि रिक्की व राकेश के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या का षडयंत्र, लूट और आ‌र्म्स एक्ट के तहत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। रिक्की दसवीं में फेल होने के बाद से ही गलत आदतों में पड़ गया और 17 साल की उम्र में जानलेवा हमले के मामले में उसे विजयनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हत्या के षडयंत्र के आरोप में इंदिरापुरम पुलिस ने उसे 2016 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। डासना स्थित जिला कारागार में ही उसकी मुलाकात राकेश से हुई। राकेश ने 2014 में गांव के ही कुख्यात दुजाना गैंग के बदमाश ज्ञानेंद्र दुजाना की गोली मारकर हत्या की थी। जेल से बाहर आकर दोनों साथ आ गए। दोस्ती में की थी डॉक्टर की हत्या

लोनी में 20 फरवरी की सुबह स्कॉर्पियो सवार दो बदमाशों ने डॉक्टर वीर सिंह की उनके क्लीनिक में घुसते ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। रिक्की व राकेश ने बताया कि यह वारदात उन्होंने दोस्त संजू के कहने पर की थी। इसके लिए उन्होंने एक रुपया भी नहीं लिया था। एसपी ग्रामीण नीरज कुमार जादौन के मुताबिक संजू ने लोनी पुलिस को बताया था कि हत्या दो सगे भाई संदीप व प्रदीप ने कराई थी। वीर सिंह का भाई विजयपाल नामी प्रॉपर्टी डीलर है और प्रॉपर्टी के कारोबार को लेकर ही उसकी दोनों भाइयों से ठनी रहती थी। डॉक्टर की हत्या में सात लोग शामिल थे, जिनमें से हत्या कराने के आरोपित दोनों भाई अभी भी फरार हैं। दूसरी ओर, विजयपाल ने वीर सिंह की रेकी करने के शक में अंकित व विशाल की 20 मार्च दुलहैंडी की रात हत्या करा दी थी। इस मामले में विजयपाल व उसके परिवार के आठ लोग जेल में हैं।

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Posted By: Jagran

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