जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : त्रिपुरा में वर्ष 2008 में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में इंदिरापुरम इलाके से गिरफ्तार हुए पूर्व मुख्य सचिव यशपाल सिंह को त्रिपुरा पुलिस ने मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। त्रिपुरा पुलिस ने आरोपित यशपाल सिंह का सात दिन का ट्रांजिट रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने पुलिस को चार दिन का ट्रांजिट रिमांड देने के आदेश दिए। सीजेएम एकता सिंह की अदालत ने कहा कि इस अवधि के भीतर ही पुलिस को आरोपित को 22 फरवरी तक संबंधित न्यायालय में पेश करना होगा। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस आरोपित यशपाल को लेकर पश्चिम त्रिपुरा के लिए रवाना हो गई है।

कोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2008 में यशपाल सिंह त्रिपुरा में मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती के दौरान पीडब्ल्यूडी में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ था। घोटाले की जांच में उनकी संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद त्रिपुरा पुलिस ने यशपाल सिंह समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले में अदालत ने आरोपितों के खिलाफ पहले समन और बाद में गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे, जिसके बाद भी वाइपी सिंह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। त्रिपुरा की अगरतला क्राइम ब्रांच की टीम यशपाल सिंह की तलाश में लगी थी, जिसके बाद उसे सोमवार को इंदिरापुरम थाने से गिरफ्तार किया गया था।

Posted By: Jagran

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