जागरण संवाददाता,मोदीनगर: शनिवार को तहसील परिसर में वकीलों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने स्टांप विक्रेता समेत कई के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। उधर, स्टांप विक्रेता के साथ कई बैनामा लेखक भी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाने गए। उन्होंने तहरीर दी, लेकिन देर शाम तक भी मामले में उनकी तरफ से रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। शनिवार को तहसील में वकीलों व स्टांप विक्रेता बिजेंद्र के बीच कहासुनी हो गई थी। दोनों पक्षों में मारपीट भी हो गई। वकीलों का आरोप है कि बिजेंद्र सिंह ने अपने साथियों को बुला लिया और फायरिग करते हुए उनपर लोहे की राड से भी हमला किया। इसमें वकील अमरदीप नेहरा, अनिल चौधरी, संजीव चिकारा आदि वकील घायल हो गए। अमरदीप नेहरा को ज्यादा चोट आई। पुलिस ने घायलों का डाक्टरी परीक्षण कराया। वकील अनिल चौधरी ने बिजेंद्र, प्रमोद समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले सहित कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, स्टांप विक्रेता की तरफ से भी थाने में शिकायत दी गई। उन्होंने वकीलों पर तमाम आरोप लगाए। स्टांप विक्रेता के समर्थन में कई बैनामा लेखक भी उतर आए। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वे भी देर शाम तक थाने पर डटे रहे। एसएचओ ने उनको रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। लेकिन देर शाम तक भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। एसएचओ मोदीनगर मुनेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों की भूमिका की जांच चल रही है। वकीलों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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