मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम वास्तिक एक महीने बाद घर लौटे, गले में घावों के चलते बोलना मुश्किल
मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम वास्तिक एक महीने बाद अस्पताल से घर लौट आए हैं। गले में ...और पढ़ें

मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम वास्तिक घर लौटे। जागरण
HighLights
सलीम वास्तिक एक महीने बाद अस्पताल से घर लौटे
गले में गंभीर चोट के कारण अभी बोलने में असमर्थ
उनकी सुरक्षा में दो पुलिस गनर तैनात किए गए
जागरण संवाददाता, लोनी। मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम वास्तिक करीब एक महीने बाद रविवार को अस्पताल से इलाज कराकर अपने घर लौट आए। हालांकि गले में गंभीर चोट लगने के कारण वह अभी बोलने में असमर्थ हैं। उनके घर पहुंचने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के तौर पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार लोनी थाना क्षेत्र की निठौरा रोड स्थित अली गार्डन कॉलोनी में 27 फरवरी को सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला हुआ था। हेलमेट पहने दो सगे भाई जीशान और गुलफामउनके कार्यालय में घुस आए थे और सर्जिकल ब्लेड से उनका गला रेत दिया था। इसके बाद हमलावरों ने कांच के टुकड़ों से उनकी कमर और पेट पर भी ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक महीने तक उनका इलाज चला। डॉक्टरों के मुताबिक गले में गहरा घाव होने की वजह से फिलहाल वह बोल नहीं पा रहे हैं और उन्हें पूरी तरह ठीक होने में अभी समय लग सकता है।
इस बीच हमले के आरोपित दोनों सगे भाइयों की बाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि सलीम वास्तिक अब घर लौट आए हैं, लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल उनकी सुरक्षा में दो गनर तैनात किए गए हैं और पुलिस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
परिवा
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र के सदस्य उनकी देखभाल में जुटे हैं और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनका इलाज और निगरानी जारी है।
