सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले से सोशल मीडिया पर उबाल, आनंद रंगनाथन बोले- 'सच कहने में कभी नहीं हिचकें'
लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश है। लोग एक्स-मुस्लिमों की सुरक्षा और ...और पढ़ें

हमले की निंदा करते हुए लोगों ने पूर्व मुस्लिमों को सुरक्षा और आरोपिताें पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमले के बाद इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर लोग आक्रोश जता रहे हैं। हमले की निंदा करते हुए लोगों ने पूर्व मुस्लिमों को सुरक्षा और आरोपिताें पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इंटरनेट मीडिया पर की गई पोस्ट में लोगों का कहना है कि मजहबी कट्टरता के खिलाफ बेबाकी से बोलने वाले एक्स मुस्लिम सलीम अहमद वास्तिक पर जानलेवा हमले की घटना से साफ है कि कट्टरता के खिलाफ आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है।
अन्य एक्स मुस्लिमों के साथ उनके समर्थकों एवं इस्लामी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वालों ने अपनी चिंता हमले के बाद जाहिर की है। लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई कि सलीम की सुरक्षा के लिए खतरा होने के बाद भी गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली। इंटरनेट मीडिया एक्स पर समर्थकों ने गुस्सा जाहिर किया है।

पाकिस्तानी यूट्यूबर मोहम्मद हम्माद बरकती के वीडियो का स्क्रीनशॉट।
"सलीम वास्तिक पर प्राणघातक हमला भयावह है। सलीम जानते थे कि इस्लाम में मजहब को छोड़ने की सजा मौत है, फिर भी उन्होंने कभी सच बात कहने में हिचक नहीं दिखाई।"
-आनंद रंगनाथन
"एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हमला करने वालों ने शायद यह सोचा नहीं होगा कि उनकी हिंसा उसी वैचारिक क्रांति को तेज कर सकती है, जिससे वे डरते हैं। युवा अब सलीम वास्तिक के वीडियो खोजकर देख रहे हैं।"
-मयंक जैन
"इस्लाम की कुरीतियों पर खुलकर बोलने वाले सलीम वास्तिक का कट्टरपंथियों ने गला रेत दिया, लेकिन कहीं कोई आक्रोश नहीं दिख रहा। बहुत सन्नाटा है। अगर सनातन का विरोध करने वाले किसी व्यक्ति के साथ ऐसा होता है तो सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हो रहा होता। यह दोहरा मापदंड आंखें खोलने वाला है।"
-अरविंद चोटिया
"पिछले 10 सालों में भाजपा सरकारों ने एक्स-मुस्लिम मूवमेंट को कोई सहायता नहीं दी। कमलेश तिवारी, कन्हैयालाल तेली, उमेश कोल्हे के हत्यारों को कोई सजा नहीं दी। इन लोगों की हत्याओं के बाद सलीम वास्तिक जैसे एक्स-मुस्लिम चेहरों को भी कोई सुरक्षा नहीं दी गई।"
-दिव्य सोती
"यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है कि सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। हम किसी भी प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, न कि हथियारों से। किसी भी मतभेद या असहमति का समाधान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।"
-जफर
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