रेपो रेट 0.25% बढ़ा, घर की EMI पर पड़ेगा असर; एक करोड़ के होम लोन पर जेब पर कितना पड़ेगा बोझ?
आरबीआई ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है, जिससे फ्लोटिंग होम लोन की ईएमआई बढ़ने ...और पढ़ें

रेपो रेट बढ़ने होम लोन पर कितना पड़ेगा असर। फोटो: आर्काइव
HighLights
आरबीआई ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50% किया
फ्लोटिंग होम लोन की ब्याज दरें और ईएमआई बढ़ने की संभावना
गाजियाबाद में त्योहारी मांग रियल एस्टेट को सहारा देगी
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। RBI ने Repo Rate 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इससे Repo Rate से जुड़े फ्लोटिंग Home Loan की ब्याज दर और EMI बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, गाजियाबाद के रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि नवरात्र, धनतेरस और दीपावली के त्योहारी सीजन में मजबूत आवासीय मांग इस बढ़ोतरी के असर को सीमित रख सकती है।
एक करोड़ के लोन पर इतना असर
बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल वाले ग्राहकों के लिए Home Loan की शुरुआती ब्याज दरें करीब सात से 7.75 प्रतिशत के आसपास हैं।
यदि Repo Rate की पूरी 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी Home Loan की ब्याज दर में आती है तो एक करोड़ रुपये के 20 साल के लोन पर 7.50 प्रतिशत की दर से करीब 83,916 रुपये की EMI बढ़कर 7.75 प्रतिशत पर करीब 85,022 रुपये हो सकती है।
यानी मासिक EMI पर करीब 1,106 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक असर बैंक की ब्याज दर, ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल, बकाया मूलधन और लोन की शेष अवधि पर निर्भर करेगा।
फेस्टिव सीजन से मांग को सहारा
Repo Rate बढ़ने से गृह ऋण की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं और आवास बिक्री पर कुछ असर पड़ सकता है। वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई की चिंताओं के बीच फंड की लागत और उपलब्धता पर भी असर पड़ने की बात रियल एस्टेट कारोबारियों ने कही है।
क्रेडाई गाजियाबाद के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के अनुसार, मांग मजबूत है, हालांकि खरीदार अब ज्यादा सतर्क हैं। डिलीजेंट के सीईओ अश्विनी नागपाल का कहना है कि Repo Rate आने वाले समय में घट भी सकता है, इसलिए फेस्टिव सीजन रियल एस्टेट के लिए सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
घर खरीदने की प्राथमिकता बरकरार
केडब्लू के निदेशक पंकज कुमार जैन के अनुसार, बढ़ोतरी नए ब्याज-दर माहौल का संकेत है, लेकिन लंबे समय में घर खरीदने की जरूरत और प्राथमिकता पर असर नहीं पड़ेगा।
काउंटी के निदेशक अमित मोदी ने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले घरों की मांग मजबूत है। खरीदार लोकेशन, निर्माण गुणवत्ता, कनेक्टिविटी और लंबे समय में मिलने वाली वैल्यू को महत्व दे रहे हैं।
डेवलपर की विश्वसनीयता अहम
एसकेए के निदेशक संजय शर्मा के अनुसार, लगातार बनी हाउसिंग डिमांड, बढ़ती आकांक्षाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास रियल एस्टेट को मजबूती दे रहे हैं।
प्रतीक के एमडी प्रतीक तिवारी ने कहा कि खरीदार डेवलपर की विश्वसनीयता, प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और समय पर कब्जा मिलने के भरोसे को सौदा अंतिम रूप देने में अहम मान रहे हैं।
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