अभिषेक सिंह , गाजियाबाद: नगर पंचायत डासना ने जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सोमवार को कब्रिस्तान की 100 करोड़ रुपये की जमीन कब्जामुक्त कराई है, लेकिन डासना में ही स्थित 85 बीघे के तालाब को अब तक कब्जामुक्त नहीं कराया जा सका है। 20 बीघा तालाब पर कब्जाकर मकान बना लिए गए हैं। ये जल संरक्षण में बाधक बन रहे हैं। धनाढ्य वर्ग ने बनाए मकान: तालाब पर कब्जा करने वाले ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जिनके पास दूसरी जगह अपने मकान हैं। सिर्फ कब्जे की नीयत से ही तालाब पर कब्जा किया गया है। इसके अलावा कई लोगों ने तालाब पर कब्जाकर अपने मकान का दायरा बढ़ा लिया है। कब्जा की गई जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है।

चार करोड़ लीटर जल संरक्षण कर सकता है तालाब: जल संरक्षण का कार्य कर रहे से अर्थ संस्था के संचालक रामवीर तंवर ने बताया कि 20 बीघा तालाब अगर दो मीटर गहरा हो तो उसमें चार करोड़ लीटर पानी आ सकता है। इनमें से 1.60 करोड़ लीटर पानी हर साल भूजल का रिचार्ज करने के काम आ सकता है। तालाबों पर किए गए कब्जे के कारण ही गाजियाबाद में भूजल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। इसके साथ ही जल निकासी की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। बन सकता है पर्यटन स्थल: तालाब की जमीन को अगर कब्जामुक्त करवाकर उसका सुंदरीकरण करवा दिया जाए तो वह एक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित हो सकता है। एनएच- नौ के पास ही यह तालाब है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग यहां पर जा सकते हैं। इसके अलावा तालाब के संरक्षण से भूजल स्तर को गिरने से भी रोका जा सकता है।

वर्जन..

तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराने की तैयारी की गई है। पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए है। जिला प्रशासन और पुलिस की मदद लेकर जल्द ही जमीन को कब्जामुक्त करवाया जाएगा।

- मनोज कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत डासना।

Edited By: Jagran