जागरण संवाददाता, साहिबाबाद :

प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया गया है। इस प्लान के लागू होने के बाद भी गाजियाबाद प्रदूषण के ओरेंज जोन में पहुंच गया है। प्रदूषण का मुख्य कारण टूटी सड़कों से उड़ती धूल, जाम के कारण वाहनों से निकलता धुआं और निर्माण कार्य है।

17 और 18 अक्टूबर को बारिश के बाद गाजियाबाद में प्रदूषण धुल गया था। गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 45 दर्ज किया गया था। बारिश बंद होने के बाद से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार शाम को जारी आंकड़े देखें तो गाजियाबाद का एक्यूआइ 262 दर्ज किया गया।

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टूटी सड़कें, धूल और जाम प्रमुख कारण : जिले की सीआइएसएफ रोड, जीडी रोड, लिक रोड, दिल्ली वजीराबाद रोड, औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों समेत अन्य स्थानों की सड़कें टूट चुकी हैं। सड़कों पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। सड़कों पर धूल जमा है। इससे वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती है। सुबह शाम वाहनों का दबाव ज्यादा होने पर जाम लगता है। जाम में फंसे वाहनों से धुआं निकलता है। इन कारणों से हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा बढ़ जाती है।

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बयान :

सड़कों का निर्माण पूरा करने के लिए एक महीने पहले ही विभागों को नोटिस जारी कर दिया गया था। जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस को नोटिस दिया गया था। सड़कों से धूल न उड़े इसके लिए सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव का भी आदेश दिया जा चुका है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

Edited By: Jagran