जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : अर्थला में भूमाफिया ने नगर निगम की 500 करोड़ की भूमि पर अवैध निर्माण करा दिया। संपत्ति विभाग की आंखों के सामने रोजाना सैकड़ों अवैध निर्माण होते गए। निर्माण होने के बाद निगम ने कुछ लोगों पर एफआइआर दर्ज कराई और निर्माण पर लाल निशान लगाया। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

दरअसल, अर्थला में बड़े पैमाने पर नगर निगम की भूमि है। माफिया 30 लाख की सरकारी भूमि को चार से पांच लाख रुपये में ही बेच देते हैं। कीमत कम होने से खरीदार भी मिल जाते हैं। माफिया भूमि के फर्जी दस्तावेज भी बनवा देते हैं। अर्थला झील को माफिया कब्जा कर बेच रहे हैं। झील से अवैध कब्जे को हटाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी आदेश दे चुका है। पूर्व में पार्षद व लोगों के विरोध करने पर नगर निगम ने कुछ लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी और मकानों पर लाल निशान लगा दिए थे। सोमवार को निगम ने अर्थला में जिस स्थान पर अवैध निर्माण तोड़ा था, उसके पास ही निगम की दूसरी भूमि पर कब्जा था, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं की गई।

पार्षद ने डीएम को लिखा पत्र : स्थानीय पार्षद विभा देवी ने महापौर व नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कब्जा हटाने की मांग की है। विभा देवी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अफसरों की संपत्ति पर कब्जा कराने में संलिप्तता है। वह एक दर्जन से अधिक बार पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पहले निगम अवैध निर्माण तोड़ देता है, लेकिन जब पैसा मिल जाता है तो फिर बनाने की अनुमति दे देता है। वर्जन..

अर्थला में जल्द ही अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। लेखपाल से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है।

- आरएन पांडेय, अपर नगर आयुक्त

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