जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में कई पार्सल मिले हैं, जो मालगाड़ी में लदे थे। आशंका है कि रेलवेकर्मियों से मिलीभगत कर पार्सल मालगाड़ी के वैगन से चोरी कर फिकवाए गए हैं। ट्रेन में कंबल, गरम कपड़े, मशीनरी पा‌र्ट्स समेत तरह-तरह का माल लदा था। नई दिल्ली से ट्रेन माल लेकर हावड़ा के लिए निकली थी। डासना में पार्सल देख तड़के पौने तीन बजे गश्त कर रहे जवान ने सूचना दी तो आनन फानन में सभी पोस्ट से आरपीएफ कर्मियों को भेजकर सुबह तक ट्रैक किनारे से सभी पार्सल उठवा लिए गए। दिन भर की जांच के बाद भी आरपीएफ यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि यह काम चोरों का है या वैगन का दरवाजा खुलने से पार्सल गिरे हैं। दिन भर रही हड़कंप की स्थिति

इसी माह ईएमयू कार शेड से तीन ट्रांसफार्मर चोरी हुए थे, जिनमें आरपीएफ के सिपाही और रेलवे के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। ट्रैक किनारे पार्सल मिलने की सूचना आते ही आरपीएफ में हड़कंप मच गया। दिल्ली डिवीजन से लेकर मुरादाबाद डिवीजन के अधिकारी हरकत में आ गए। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच ने भी मौका मुआयना किया। आरपीएफ के मुताबिक पार्सल साहिबाबाद से हापुड़ के बीच 8-10 स्थान पर मिले हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर पीकेजीए नायडू का कहना है कि पूर्व में मालगाड़ी से पार्सल फेंककर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें सामने आया है कि माल आउटर या किसी ऐसे स्थान पर फेंका जाता है, जहां से माल उठाने के लिए वाहन पहुंच सके। साथ ही निश्चित स्थान पर माल फेंकते हैं, लेकिन रविवार सुबह कई स्थान पर माल मिला है, जहां किसी वाहन का पहुंचना मुश्किल है। माल की सुरक्षा के साथ कई सवाल अनसुलझे

मालगाड़ी पर दो लोको पायलट के साथ गार्ड होता है, लेकिन सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं होती। आरपीएफ के मुताबिक किसी वैगन का गेट ठीक प्रकार से बंद नहीं हुआ। साहिबाबाद में एक कर्व पर सबसे पहला पार्सल मिला। आशंका है कि यहीं पर पायलट ने अचानक ब्रेक लगाए, जिस कारण किसी वैगन का गेट खुल गया और उसमें से पार्सल गिरने लगे। मगर सवाल है कि गेट खुला था तो हापुड़ के बाद पार्सल क्यों नहीं गिरे। आरपीएफ अधिकारी यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि पार्सल गिरने के बारे में लोको पायलट या गार्ड से बात हुई है। प्राथमिक जांच में चोरी की बात सामने नहीं आई है। माल बरामदगी के दौरान भी ट्रैक किनारे आसपास कोई वाहन या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। बावजूद इसके पड़ताल जारी है। फिलहाल कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। मालगाड़ी से हावड़ा पहुंचने के बाद ही पता चलेगा कि कितना माल गायब हुआ है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही करेंगे।

- अपूर्व अग्निहोत्री, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (कोआर्डिनेशन), दिल्ली।

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