जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : जिले के नोडल अधिकारी डॉ. सैंथिल पांडियन सी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति के संबंध में बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और इनकी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि भारतीय स्टेट बैंक की सभी शाखाओं में जिला उद्योग केंद्र व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की संचालित योजनाओं की प्रगति शून्य है। जबकि, बैंक के पास प्याप्त संख्या में आवेदन पत्र काफी समय पूर्व दिए जा चुके हैं। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, व विभागीय अधिकारियों के लगातार निर्देश देने के बाद भी भारतीय स्टेट बैंक की प्रगति न होने पर नोडल अधिकारी ने अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि भारतीय स्टेट बैंक की कार्यप्रणाली से प्रदेश के मुख्य सचिव व मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक को अवगत कराते हुए कार्रवाई के लिए लिखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगर 10 सितंबर तक लंबित आवेदन पत्रों का सकारात्मक निस्तारण नहीं किया जाता है तो राजकीय कार्यो में बाधा पहुंचाने व महामारी अधिनियम के अंतर्गत सुसंगत धाराओं में भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक और संबंधित एसएमआइ सेल के प्रमुख के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाए। समीक्षा में इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रगति भी शून्य मिली। इस पर नोडल अधिकारी ने इनके खिलाफ भी एफआइआर के निर्देश दिए। बैंकवार समीक्षा में यह पाया गया कि बैंकों द्वारा जो आवेदन पत्र निरस्त किए जा रहे हैं, यह आधारहीन हैं और इस प्रकार के निरस्तीकरण किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पंजाब नेशनल बैंक व केनरा बैंक ने काम तो शुरू किया है लेकिन अभी तक लोन नहीं दिया गया है। इन बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक व जिला समन्वयक को निर्देश दिए गए कि 10 सितंबर से पूर्व लंबित आवेदन पत्रों पर लोन स्वीकृत कर दें। इसके साथ ही इन बैंकों के अलावा अन्य बैंक भी स्वत: रोजगार योजनाओं से संबंधित आवेदन पत्रों का निस्तारण 10 सितंबर तक कर दें।

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