कमाल का इनोवेशन! निटरा टेक्निकल कैंपस के छात्रों का सैनरचना-2026 में जलवा, पेश किए इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स
निटरा टेक्निकल कैंपस के छात्रों ने सैनरचना-2026 में नवाचार और टिकाऊ उत्पाद विकास के लिए दो पुरस्कार जीते। उन्होंने पराली ...और पढ़ें
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केले के छिलके से बायोप्लास्टिक जैसे पर्यावरण-अनुकूल प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। AI जनरेटेड इमेज
HighLights
निटरा छात्रों ने सैनरचना-2026 में दो पुरस्कार जीते।
पराली फाइबर से टिकाऊ वस्त्र का प्रोजेक्ट सराहा गया।
केले के छिलके से बायोप्लास्टिक को विशेष पहचान मिली।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। निटरा टेक्निकल कैंपस के टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों ने नवाचार और टिकाऊ उत्पाद विकास के क्षेत्र में संस्थान का नाम रोशन किया है। सैनरचना-2026 (प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड डिजाइन हैकाथॉन) में विद्यार्थियों ने दो पुरस्कार हासिल किए।
प्रतियोगिता में दिव्यांशी मल्होत्रा, दीपांश कुशवाहा और पलक मलिक की टीम को सेकंड रनर-अप पुरस्कार मिला। विद्यार्थियों ने पराली फाइबर : कृषि अपशिष्ट से टिकाऊ वस्त्र विषय पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। इसमें कृषि अपशिष्ट पराली को उपयोगी टेक्सटाइल फाइबर और उत्पादों में बदलने की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं। टीम का मार्गदर्शन वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. निधि सिसोदिया ने किया।
वहीं, अमन सिंह और शुभम यादव को 'केले के छिलके से बायोप्लास्टिक' विषय पर विशेष पहचान पुरस्कार प्रदान किया गया। इस प्रोजेक्ट में केले के छिलकों से जैव अपघटनीय विकल्प विकसित करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई।
डॉ. निधि सिसोदिया को बधाई दी
निटरा टेक्निकल कैंपस के उप निदेशक एवं टेक्सटाइल टेक्नोलाजी विभाग के डीन विवेक अग्रवाल, निदेशक डा. बीके शर्मा और निटरा के महानिदेशक डॉ. एमएस परमार ने विद्यार्थियों और उनकी मेंटर डॉ. निधि सिसोदिया को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों के नवाचार और पर्यावरण अनुकूल समाधान विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।