यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गाजियाबाद की मेयर बनेंगी सुनीता दयाल, जानिए एबीवीपी संयोजिका से महापौर तक का सफर
महापौर पद पर नवनिर्वाचित सुनीता दयाल के परिवार में पति और एक बेटी हैं। पति बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। ...और पढ़ें

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। महापौर पद पर नवनिर्वाचित सुनीता दयाल के परिवार में पति और एक बेटी हैं। पति बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वर्ष 1975 में सुनीता दयाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी हैं। इंटर की पढ़ाई दौरान वह एबीवीपी संयोजिका के पद पर रहीं। परास्नातक की पढ़ाई तक वह एबीवीपी में अलग-अलग पदों पर रहीं।
अस्सी के दशक में वह भाजपा में सक्रिय भूमिका में आ गईं। गाजियाबाद में उस समय बहुत कम महिलाएं राजनीति में सक्रिय हुआ करती थीं। उन्होंने साल 2004 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन तब वह सुरेंद्र मुन्नी से हार गई थीं।
वह भाजपा संगठन की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री भी बनीं। अभी प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं। सुनीता दयाल साल 2017 के निकाय चुनाव में भाजपा से टिकट लेने की कतार में थीं। तब भाजपा ने आशा शर्मा महापौर का टिकट दे दिया था। इस बार भाजपा ने सुनीता दयाल को महापौर प्रत्याशी बनाया, जिसमें उन्होंने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की है।
