गाजियाबाद [आशुतोष अग्निहोत्री]। पंचायत चुनाव में जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। जिले के विधायक जहां अपने कार्यकाल में कराए गए कार्यों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी ओर उन्हें अपनी ही पार्टी के बीच जोर आजमाइश में लगे दावेदारों से चुनौती मिल रही है। कई दावेदारों ने तो बाकायदा पर्दे के पीछे से चुनावी अभियान का आगाज भी कर दिया है।

चर्चा का केंद्र बने क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के होर्डिंग

भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक गोयल इस समय कोरोना वैक्सीन के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मयंक ने पिछले दिनों शहर विधानसभा क्षेत्र में स्थित घूकना सेवा नगर स्वास्थ्य केंद्र को गोद लिया है। उन्होंने शहर में करीब 100 से अधिक होर्डिंग लगवाए हैं। केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के साथ लगे उनके यह होर्डिंग शहर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। दीवारों पर रंगरोगन करवाने के साथ ही उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर बाकायदा अपने कैंपेन का एलान भी कर दिया है। इस सीट से मौजूदा विधायक उत्तर प्रदेश सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग कोरोना काल से सक्रिय हैं वह तो दावा कर रहे हैं कि इस बार उनकी जीत पहले से भी बड़ी होगी। भाजपा के एक अन्य क्षेत्रीय उपाध्यक्ष केके शुक्ला भी इस बार शहर सीट से मन बनाए हुए हैं।

परिवार बढ़ा रहे अजय शर्मा

भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में अपना परिवार बढ़ा रहे हैं। कोरोना पीड़ित अनाथ बच्चों की मदद के नाम पर पिछले दो माह से सक्रिय अजय शर्मा को लेकर उनकी ही पार्टी में चर्चा है कि वह कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना वाले अंदाज में दौड़ रहे हैं। वर्तमान भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा विधायकी की टिकट के लिए अपनी अध्यक्षी तक को दाव पर लगाने को तैयार हैं। शालीमार गार्डन में महापुरुषों की मूर्तियों के अनावरण के नाम पर वह संगठन के सामने अपनी ताकत भी दिखा चुके हैं। मौजूदा विधायक सुनील शर्मा इन सबसे दूर अपने काम में लगे हुए हैं। साहिबाबाद में लंबे समय से लंबित सरकारी अस्पताल बनने की प्रक्रिया को अपनी उपलब्धि बताते हुए वह अपनी अगली पारी के प्रति आश्वस्त हैं।

मुरादनगर में तेवतिया जोश में

मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक अजीतपाल त्यागी को उनकी की पार्टी के बृजपाल तेवतिया से चुनौती मिल रही है। मौजूदा जिला पंचायत चुनाव में एक ओर जहां विधायक अजीतपाल के भतीजे और भाभी चुनाव नहीं जीत पाए वहीं दूसरी ओर दो जिला पंचायत सदस्य होने के बावजूद पार्टी ने जो जीत जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हासिल की है उसमें बृजपाल तेवतिया का बड़ा रोल बताया जा रहा है। तेवतिया वर्ष 2012 के चुनाव में मात्र 2500 वोट से हारे थे। यहीं से पूर्वमंत्री बालेश्वर त्यागी के समर्थक भी पैड बांधकर तैयार बैठे हैं।

मोदीनगर में पुष्पेंद्र के चर्चे

मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक डॉ. मंजू शिवाच के सामने उनकी ही पार्टी से पूर्व विधायक रामनरेश रावत के छोटे भाई भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पुष्पेंद्र रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख कृष्णवीर सिंह, पवन सिंघल और सत्येंद्र त्यागी माहौल बनाने में लगे हैं। कोरोना काल में इन नेताओं के पोस्टर शहर में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

लोनी में सबसे अधिक दावेदार

लोनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को एक दो नहीं बल्कि आधा दर्जन दावेदारों से चुनौती मिल रही है। यहां नगर पालिका अध्यक्ष रहे मनोज धामा ने चुनावी अभियान शुरू भी कर दिया है। यहां से पूर्व चेयरमैन विनोद बंसल, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री योगेंद्र मावी, अनिल कसाना, पूर्व विधायक रूप चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पृथ्वी सिंह कसाना और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ प्रमेंद्र जांगड़ा चुनावी तैयारी में लगे हैं।

Edited By: Jp Yadav