गाजियाबाद, जेएनएन। प्लॉट के नाम पर पत्रकार सचिन मिश्रा से साढ़े दस लाख रुपये की ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में थाना विजयनगर पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपित गौरव राणा और उसके सगे भाई प्रदीप राणा को घटना के सात माह बाद गिरफ्तार किया है। गौरव फर्जी पावर ऑफ अटार्नी से प्लॉट बेचने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी है। इस मामले में एक आरोपी साहिद पिछले दो माह से जेल में बंद है। साहिद की गाजियाबाद कोर्ट से जमानत खारिज हो चूकी है। जबकि चौथा आरोपित महेश यादव अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

जानें, क्या है मामला

साहिद पुत्र शौकत अली, निवासी विजयनगर, प्रदीप राणा व गौरव राणा पुत्रगण वीर सिंह, निवासी विजयनगर ने प्लॉट के नाम पर सचिन से फर्जीवाड़ा कर साढ़े दस लाख रुपये ठग लिए थे। ठगी करने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड साहिद है। प्लॉट दिखाने से लेकर रजिस्ट्री कराने में उसकी अहम भूमिका रही थी।

इनकी रही मिलीगत

साहिद, प्रदीप व गौरव ने 21-02-2019 को सचिन मिश्रा को लेखपाल व वकील से मिलवाया। लेखपाल व वकील ने खसरा नंबर 77 व पावर ऑफ अटार्नी देखकर कहा कि ये अच्छे लोग हैं, इनसे रजिस्ट्री करा लो। प्लॉट का दाखिल खारिज भी हो जाएगा। इसके बाद सचिन ने अपनी पत्नी रोहिणी मिश्रा के नाम गौरव से पचास गज प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली। प्लॉट लक्ष्मीबाई नगर, डूंडाहेड़ा, विजयनगर, गाजियाबाद में स्थित है।

महेश ने रुकवाया काम

इधर, प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद 23-02-2019 को जब सचिन प्लॉट की नींव भरवा रहे थे तो महेश पुत्र भूप सिंह, निवासी गोविंदपुरम मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था।

घटना के तीन माह बाद दर्ज हुई थी एफआइआर

इस संबंध में कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सचिन की शिकायत पर घटना के तीन माह बाद 15 मई, 2019 को साहिद, गौरव, प्रदीप व महेश के खिलाफ गाजियाबाद के विजयनगर थाने में एफआईआर नंबर 461/2019 दर्ज की थी। पुलिस ने इस मामले में 21 जुलाई को साहिद को गिरफ्तार किया था। महेश अब तक खुलेआम घूम रहा है।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

अब तक की जांच-पड़ताल में पता चला है कि गौरव ने बुद्धपाल पुत्र रामबल, निवासी पर्थला (जोकि इस जमीन का पहले मालिक था) की जगह अपने सगे ससुर उमेश राठौर को खड़ा कर उसके नाम से खसरा नंबर 77, 14/1, 92/2, से 2500 वर्ग गज आवासीय प्लाट की दिनांक 15-10-2017 को फर्जी पावर ऑफ अटार्नी करा ली थी। इसी फर्जी पावर आफ अटार्नी से गौरव ने सचिन की पत्नी रोहिणी को 21-02-2019 को पचास वर्ग गज प्लाट की रजिस्ट्री करा दी थी। इसी तरह गौरव कई अन्य लोगों को भी इसी पावर आफ अटार्नी से रजिस्ट्री करा चुका है। बुद्धपाल के मुताबिक, उसने अपनी जमीन 2014 में ही बेच दी थी। जबकि उसके नाम से गौरव, प्रदीप व साहिद ने 2017 में फर्जी पावर ऑफ अटार्नी कराई है। इस संबंध में विजनगर थाने में बुद्धपाल ने उक्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर 2071/2018 भी दर्ज कराई थी।

अब तक कई लोगों से हुई ठगी

महेश भी साहिद, प्रदीप व गौरव से मिला हुआ है। यह गिरोह अब तक कई लोगों को प्लॉट के नाम ठग चुका है। इन पर हत्या, जानलेवा हमला व ठगी सहित कई मामले भी पहले से दर्ज हैं। सभी खूंखार अपराधी व भूमाफिया हैं। ऊंची पहुंच के चलते गौरव व प्रदीप की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। आखिरकार जब मामला ऊपर तक पहुंचा तब जाकर इनकी गिरफ्तारी हुई।

Posted By: Manish Pandey

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