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पापा मेरे लिए चॉकलेट ले आना... अगले दिन घर आया शव, नीम करोली बाबा के दर्शन करने गए थे रोहित

मंगलवार सुबह तड़के पत्नी मनीषा को पति की मौत की खबर मिली तो वह चक्कर खाकर फर्श पर गिर पड़ी। दोनों बेटियां पिता की मौत से बेखबर थी। शाम 400 रोहित का का शव घर पहुंचा। उनके घर में मातम पसर गया। रोहित के दोस्त राजकुमार ने बताया कि मृतक घर में पत्नी और दो बच्चों के अलावा 65 वर्षीय उनकी मां शांति देवी हैं।

By Hasin Shahjama Edited By: Abhishek Tiwari Published: Wed, 15 May 2024 08:58 AM (IST)Updated: Wed, 15 May 2024 08:58 AM (IST)
पापा मेरे लिए चॉकलेट ले आना... अगले दिन घर आया शव

विक्रांत चौधरी, लोनी। पापा मुझे भी आपके साथ चलना है। मेरे लिए चॉकलेट खानी। कहां जा रहे हो? जाने से पहले खाना तो खा लो...। मृतक रोहित सैनी की तीन वर्षीय बेटी सृष्टि ने पिता के घर से जाने से पहले ये अल्फाज कहे थे। पिता ने भी बेटी से मंगलवार सुबह के चॉकलेट लाने का वादा किया था।

रोहित टूल एंड ट्रेवल्स की गाड़ी चलते थे। वह सोमवार शाम घर पहुंचे। घर में उनकी पत्नी मनीष सैनी, तीन वर्षीय बेटी सृष्टि और डेढ़ वर्षीय बेटी अथरवी थी। घर जाने के बाद उन्होंने पत्नी से कहा कि वह घूमने के लिए नैनीताल जा रहे हैं। तभी पत्नी ने उनसे पूछा कि वहां किस लिए जा रहे हैं?

रोहित सैनी ने जवाब दिया था कि वह नीम करोली बाबा के दर्शन करने जा रहे हैं। जैसे ही वह घर से चलने के तैयार हुए तो बड़ी बेटी सृष्टि रोने लगी। सृष्टि ने कहा कि उसे चॉकलेट चाहिए। रोहित ने बेटी से वादा किया था कि वह मंगलवार सुबह तक लौट आएंगे और साथ में उनके लिए चॉकलेट भी लेकर आएंगे।

पति की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हुई पत्नी

मंगलवार सुबह तड़के पत्नी मनीषा को पति की मौत की खबर मिली तो वह चक्कर खाकर फर्श पर गिर पड़ी। दोनों बेटियां पिता की मौत से बेखबर थी। शाम 4:00 रोहित का का शव घर पहुंचा। उनके घर में मातम पसर गया।

रोहित के दोस्त राजकुमार ने बताया कि मृतक घर में पत्नी और दो बच्चों के अलावा 65 वर्षीय उनकी मां शांति देवी हैं। पिता रामकिशन का कई साल पहले निधन हो चुका है।

बड़ा भाई प्रकाश सैनी है भी गाड़ी चलाता है। रोहित मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का व्यक्ति था। रोहित की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे। पुरी कॉलोनी में लोग इस हादसे की चर्चा करते हुए नजर आए।

अनूप ने नैनीताल जाने से कर दिया था मना 

मृतक अनूप सीए थे। उनके घर में उनकी पत्नी दो बेटे और एक बेटी है। अनूप के पिता करतार सिंह दिल्ली जल बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं। उनका एक छोटा भाई अभिषेक है जो उनके साथ ही काम करता था।

मृतक के चाचा विक्रम ने बताया कि अनूप दो दिन पहले बीमार हुए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी की वजह से अनूप ने नैनीताल जाने से मना कर दिया था, लेकिन जब दोस्तों ने जिद की तो वह उनके साथ चला गया। वह टूल एंड ट्रेवल्स का कारोबार करते थे।


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